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केस के विवरण में मेरा जिक्र नहीं, जबरन ईओडब्ल्यू में दर्ज कराई गई एफआईआर- पूर्व सीएम भूपेश

by Dakshi Sahu Rao
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CG Prime News@R.Sharma

रायपुर. ऑनलाइन सट्टा महादेव ऐप (Online stta Mahadev app)घोटाला मामलें में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को पत्रवार्ता ली। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव में सांसद टिकट की घोषणा के बाद हमारे खिलाफ अपराध दर्ज कराई गई। यह एफआईआर विशुद्ध रुप से राजनीतिक कार्रवाई है। भारतीय जनता पार्टी ने स्वीकार कर लिया है कि राजनांदगांव संसदीय सीट हार रही है। इसलिए ईओडब्ल्यू ने मेरे खिलाफ नामजद रिपोर्ट की है।  

महादेव ऐप घोटाले मामले में जैसे ही भूपेश बघेल का नाम आया। उन्होंने राजनांदगांव संसदीय क्षेत्र का दौरा छोड़कर सीधे रायपुर राजीव भवन पहुंचे। मीडिया से मुखातिब हुए। भूपेश बघेल समेत 19 लोगों के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने नामजद एफआईआर दर्ज की है। इस पर उन्होंने कहा कि 4 मार्च को ईओडब्ल्यू ने अपराध पंजीबद्ध किया। 17 मार्च को दिल्ली के एक अखबार में खबर प्रकाशित कराई गई। बीजेपी वालों को पता होना चाहिए कि हमारे ही सरकार में महादेव ऐप के खिलाफ दुर्ग से कार्रवाई की शुरुआत की गई थी। 72 एफआईआर और 450 लोगों की गिरफ्तारी की गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर लुकआउट सर्कुलर नोटिस जारी कराई गई थी। अब महादेव के डायरेक्टर रवि उप्पल, सौरभ चंद्राकर समेत अन्य को केंद्र सरकार दुबई से गिरफ्तार कर भारत लाए।

ईओडब्ल्यू में नाम जोड़ाया गया

भूपेश ने कहा कि ईडी की एफआईआर में भी उनका नाम नहीं था। राजनांदगांव से सांसद चुनाव लड़ने की चर्चा थी। जैसे ही सांसद के लिए राजनांदगांव से नाम आया। उसके बाद एफआईआर में नाम को जोड़ दिया गया। सबसे बड़ी बात यह है कि असीम दास जिस गाड़ी के साथ पकड़ाया था। वह गाड़ी पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल के भाई की थी। जिस शुभम सोनी के वीडियो को वायरल किया गया है। उस वीडियो को भाजपा कार्यालय में शूट किया गया था।

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