दुर्ग | मोहन नगर थाना क्षेत्र पुलिस की वर्दी में भरोसे को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला दुर्ग जिले से सामने आया है। चोरी के एक प्रकरण में जब्त कीमती सोने की ज्वेलरी का गबन करने के आरोप में बर्खास्त प्रधान महिला आरक्षक मोनिका गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। खास बात यह है कि आरोपी महिला इस समय 9 माह की गर्भवती है और अब उसे जेल में ही बच्चे को जन्म देना होगा। (9-month pregnant head constable arrested for embezzling stolen gold)
उसी थाने में थी पदस्थ, वहीं से हुई गिरफ्तारी
मामला मोहन नगर थाना क्षेत्र का है, जहां मोनिका गुप्ता पदस्थ थीं। आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए जब्त माल को थाने में जमा करने के बजाय खुद के पास रख लिया। FIR दर्ज होने के बाद से वह 4 मार्च 2025 से फरार थीं, जिन्हें आखिरकार 2 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया।
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क्या है पूरा मामला
4 जुलाई 2022 को सिंधिया नगर निवासी सोनल द्विवेदी के घर से 79 ग्राम सोने की ज्वेलरी और 32 हजार रुपये नकद की चोरी हुई थी। शिकायत मोहन नगर थाने में दर्ज की गई, जिसकी जांच प्रधान आरक्षक मोनिका गुप्ता को सौंपी गई।
30 जून 2023 को आरोपी चोर को गिरफ्तार कर लगभग 2.5 लाख रुपये मूल्य की ज्वेलरी बरामद की गई, लेकिन यह जेवरात पीड़िता को लौटाने या आरक्षी केंद्र में जमा करने के बजाय मोनिका गुप्ता ने खुद रख लिए। उच्च अधिकारियों को गुमराह करते हुए बताया गया कि जेवरात अलमारी में सुरक्षित हैं, जबकि जांच में यह झूठ साबित हुआ।
पहले भी सामने आ चुका है ठगी का मामला
जांच में यह भी सामने आया कि मोनिका गुप्ता पर पहले भी नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने का आरोप सिद्ध हो चुका है। विभागीय जांच, आरोपपत्र और अंतिम स्मरण पत्र के बावजूद उन्होंने अपना पक्ष नहीं रखा, जिसके बाद FIR दर्ज की गई।
पेट में पल रहा बच्चा, लेकिन अपराध की सजा तय
यह मामला कानून के साथ-साथ समाज को भी सोचने पर मजबूर करता है। एक ओर कानून अपना काम कर रहा है, वहीं दूसरी ओर एक अजन्मा बच्चा है, जो अपनी मां की करतूतों की सजा के बीच जन्म लेने वाला है। सवाल यह नहीं कि आरोपी गर्भवती है या नहीं, सवाल यह है कि वर्दी की जिम्मेदारी और नैतिकता का क्या हुआ?
