राजनांदगांव | बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से राजनांदगांव पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी में प्रयुक्त म्यूल बैंक खातों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया है। “मिशन साइबर सुरक्षा” के तहत थाना कोतवाली एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम ने 8 बैंक खाता धारकों को गिरफ्तार किया है, जिनके खातों में लगभग 20 लाख रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन पाए गए।
म्यूल बैंक खातों से साइबर ठगी का नेटवर्क उजागर
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों द्वारा बंधन बैंक, केनरा बैंक, यूको बैंक एवं बैंक ऑफ बड़ौदा में खोले गए खातों का उपयोग साइबर ठगों से प्राप्त अवैध रकम को ट्रांसफर और निकालने के लिए किया जा रहा था। आरोपियों ने लालच में आकर अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक और रजिस्टर्ड सिम साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराए थे।
पुलिस ने बताया कि भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र से प्राप्त डाटा के आधार पर संदिग्ध खातों की पहचान की गई, जिसके बाद तकनीकी जांच कर आरोपियों को हिरासत में लिया गया।
बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज
थाना कोतवाली में आरोपियों के विरुद्ध धारा 317(2) एवं 317(4) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपराध दर्ज कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
एसपी के निर्देश पर चली विशेष कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में जिलेभर में साइबर अपराधों की रोकथाम हेतु विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार म्यूल अकाउंट साइबर ठगी की बड़ी कड़ी होते हैं, जिनके माध्यम से ठग अवैध रकम को सुरक्षित रूप से ट्रांसफर करते हैं।
पुलिस की अपील
नागरिकों से पुलिस ने अपील की है कि किसी भी लालच या कमीशन के बदले अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, सिम या चेकबुक किसी अन्य व्यक्ति को न दें। ऐसा करना दंडनीय अपराध है और इसमें संलिप्त पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
