दुर्ग, 29 जनवरी 2026। दाऊ वासुदेव चन्द्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय में 4वां दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। छत्तीसगढ़ के महामहिम राज्यपाल रमेन डेका की गरिमामयी मौजूदगी में 1536 छात्रों को स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी उपाधियाँ प्रदान की गईं। समारोह में 45 छात्रों को विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक और 08 स्नातक को पंडित तीरथ प्रसाद मिश्रा मेमोरियल स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।
राज्यपाल डेका ने अपने संबोधन में कहा कि दीक्षांत केवल पढ़ाई पूरी होने का अवसर नहीं है, बल्कि यह जिम्मेदारियों भरी जीवन यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने छात्रों को आत्मनिर्भर बनने और देश की सेवा करने का संदेश दिया।
कृषि और डेयरी क्षेत्र पर जोर
समारोह में प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मंत्री ने छात्रों से अपेक्षा जताई कि वे अपनी विशेषज्ञता का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए करें।
विश्वविद्यालय और कुलपति का योगदान
कुलपति डॉ. आर.आर.बी. सिंह ने विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. मीनेश सी. शाह ने दीक्षांत उद्बोधन दिया। कुलसचिव डॉ. बी.पी. राठिया ने समारोह का संचालन किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों के अधिष्ठाता और विद्यार्थी उपस्थित थे।
समारोह की विशेष झलक
दीक्षांत समारोह में छात्रों के उत्साह, उपाधि वितरण की गरिमा, और समाज सेवा एवं नवाचार की प्रेरणा के संदेश ने उपस्थित सभी का मन मोह लिया।
