थानों में खड़े लावारिश वाहनों का हुआ निराकरण
दुर्ग | जिले के विभिन्न थानों में वर्षों से लावारिश एवं लादावा हालत में खड़े वाहनों की नीलामी की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जिला पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई से लगभग 77 लाख रुपये की राशि शासकीय कोष में जमा की गई है। यह नीलामी 28 पुलिस एक्ट के तहत नियमानुसार की गई।
SSP के निर्देश पर चली विस्तृत प्रक्रिया
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल के निर्देशानुसार जिले के सभी थानों में लावारिश एवं लादावा वाहनों के निराकरण हेतु विस्तृत और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई गई। सबसे पहले वाहनों की सूची एवं इंवेन्ट्री तैयार की गई। इसके बाद क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) दुर्ग से वाहनों की जानकारी प्राप्त कर, रजिस्ट्रेशन नंबर, इंजन नंबर और चेचिस नंबर के आधार पर वाहन मालिकों को नोटिस जारी किए गए।
दस्तावेज देने पर सौंपे गए वाहन
जिन वाहन मालिकों ने वैध दस्तावेज प्रस्तुत किए, उन्हें उनके वाहन सुपुर्द कर दिए गए। शेष वाहनों को 28 पुलिस एक्ट के तहत जप्त कर अनुविभागीय दंडाधिकारी न्यायालय में इश्तगासा पेश किया गया। ईश्तहार जारी कर दावा-आपत्ति आमंत्रित की गई। वैध दावा मिलने पर संबंधित वाहन मालिकों को वाहन सौंपे गए।
2069 में से 1820 वाहनों की नीलामी
दावा-आपत्ति के बाद शेष वाहनों को लावारिश घोषित किया गया। नियमानुसार गठित समिति द्वारा वाहनों का आफसेट मूल्य तय कर उन्हें एमएसटीसी वेबसाइट पर नीलामी के लिए पंजीकृत किया गया। जिले के सभी थानों से वाहनों को थाना जामुल स्थित यार्ड में एकत्र किया गया। पूरी प्रक्रिया के बाद कुल 1820 दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों की नीलामी की गई।
581 वाहन सुपुर्दनामा पर दिए गए
नीलामी किए गए 1820 वाहनों में से अब तक 581 वाहन सुपुर्दनामा पर दिए जा चुके हैं। शेष बचे वाहनों की नीलामी हेतु आफसेट मूल्य निर्धारण के बाद आगे की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।
