दुर्ग। पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह (आईपीएस) द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारियों, थाना एवं चौकी प्रभारियों की क्राइम मीटिंग आयोजित की गई। बैठक में जिले की कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, लंबित प्रकरणों की स्थिति और विवेचना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
अपराध नियंत्रण में महत्वपूर्ण उपलब्धि
क्राइम मीटिंग के दौरान पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वर्ष 2025 में जिले में कुल अपराधों में लगभग 10 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिले की कानून एवं शांति व्यवस्था संतोषजनक है और इसमें सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों द्वारा किए गए लगातार प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक ने अवैध शराब, जुआ एवं अन्य सामाजिक अपराधों के विरुद्ध की जा रही निरंतर कार्रवाइयों की सराहना की। उन्होंने निर्देश दिए कि सतत दबाव बनाते हुए और अधिक वैधानिक कार्रवाई की जाए, ताकि ऐसे कृत्यों पर पूर्ण अंकुश लगाया जा सके।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र सिंह बघेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित पटेल, एसडीओपी बोड़ला अखिलेश कौशिक, एसडीओपी पंडरिया भूपत सिंह, डीएसपी अंजू कुमारी, डीएसपी कृष्ण कुमार चंद्राकर, डीएसपी आशीष शुक्ला सहित जिले के समस्त थाना एवं चौकी प्रभारी, रक्षित निरीक्षक, साइबर प्रभारी एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समस्त शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।
निर्देश और आम नागरिक सुरक्षा
पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि रात्रि गश्त, बीट प्रणाली, जनसंपर्क और फरियादियों की शिकायतों का त्वरित समाधान आम नागरिकों में सुरक्षा और विश्वास की भावना को मजबूत करेगा।
संदेश
पुलिस अधीक्षक ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी समन्वय, अनुशासन और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते रहेंगे, जिससे जिले में कानून व्यवस्था सुदृढ़ रहेगी और अपराध नियंत्रण में और बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे।
