दुर्ग। जिले में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने रविवार को भिलाई नगर पुलिस कंट्रोल रूम में सभी थाना प्रभारियों की महत्वपूर्ण क्राइम मीटिंग ली। करीब दो घंटे चली इस बैठक में एसएसपी ने स्पष्ट कर दिया कि जांच और अपराध निराकरण में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी थाना प्रभारियों को एक महीने के भीतर कार्यशैली में सुधार लाने की सख्त हिदायत दी गई।
लंबित मामलों को तेजी से निपटाने के आदेश
एसएसपी विजय अग्रवाल ने निर्देश दिया कि
-
सभी थाना प्रभारी रोजनामचा समय पर मेंटेन करें,
-
एक साल से अधिक पुराने मामलों का प्राथमिकता के साथ शीघ्र निपटारा करें,
-
और नवीन आपराधिक कानूनों के तहत जांच को बेहतर बनाने के लिए ई-साक्ष्य मोबाइल एप का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
घटनास्थलों की रिकॉर्डिंग अब अनिवार्य
मीटिंग में साफ निर्देश दिया गया कि
-
घटनास्थल की वीडियो व फोटोग्राफी,
-
जप्ती और तलाशी के दौरान मेमोरेंडम व बयान की रिकॉर्डिंग,
-
तथा फिंगर प्रिंट्स को नफीस सिस्टम में अपलोड करना अब अनिवार्य होगा।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर, अभिषेक झा, पद्मश्री तंवर, नगर पुलिस अधीक्षक चिराग जैन, राहुल बंसल, सत्यप्रकाश तिवारी, हरीश पाटिल, एडीओपी अनूप लकड़ा सहित जिले के सभी थाना व चौकी प्रभारी मौजूद रहे।
निगरानी बदमाशों पर कड़ी निगरानी का निर्देश
एसएसपी ने निर्देश दिया कि थानेदार
-
निगरानी बदमाशों व गुंडा तत्वों की नियमित चेकिंग करें,
-
और इसकी रिपोर्ट रोजनामचा में दर्ज करें।
इसके साथ ही सुशासन तिहार के तहत प्राप्त शिकायतों का समयसीमा में त्वरित निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए।
एसएसपी ने यह भी कहा कि सभी थानेदार अपने अधीनस्थ विवेचना अधिकारियों को नए आपराधिक कानूनों का प्रशिक्षण दें ताकि जांच और अधिक प्रभावी हो सके।
