दुर्ग. पथरिया डोमा गांव की रहने वाली पुष्पलता पारकर आज ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गई हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाओं और अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने न सिर्फ अपना व्यवसाय खड़ा किया बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत की।
वाशिंग पाउडर से शुरू किया व्यवसाय
पुष्पलता ने पंचायत विभाग से वाशिंग पाउडर निर्माण का तकनीकी प्रशिक्षण लिया और छोटे स्तर पर अपना काम शुरू किया। शुरुआती दिनों में उन्हें गांव-गांव जाकर अपने उत्पाद को बेचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, क्योंकि लोग बड़े नेशनल ब्रांड्स पर ज्यादा भरोसा करते थे। लेकिन लगातार मेहनत और बेहतर गुणवत्ता के कारण धीरे-धीरे उनका वाशिंग पाउडर आसपास के करीब 15 गांवों में लोकप्रिय हो गया।
बिहान योजना से मिला सहारा
जब व्यवसाय बढ़ने लगा तो पुष्पलता ने Bihan Yojana के तहत ऋण लेकर ई-रिक्शा खरीदा। अब वे उसी ई-रिक्शा से गांव-गांव जाकर अपने उत्पाद की डिलीवरी करती हैं और अतिरिक्त आय के लिए बच्चों को स्कूल भी पहुंचाती हैं।
बेटी के भविष्य के लिए भी कर रहीं मेहनत
पुष्पलता अपने ई-रिक्शा से बच्चों को Swami Atmanand Excellent English Medium School तक सुरक्षित पहुंचाती हैं, जिससे उनकी आमदनी बढ़ी है। आज वे अपने व्यवसाय के साथ-साथ अपनी बेटी ख्याति के उज्ज्वल भविष्य के लिए भी लगातार मेहनत कर रही हैं।
