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दुर्ग जिले में अफीम की खेती, विधानसभा में जोरदार हंगामा, 29 विपक्षी विधायक सस्पेंड

प्रदेश को अफीम का कटोरा बनाने की साजिश

by Dakshi Sahu Rao
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CG Prime News@रायपुर. Opium cultivation in Durg district, uproar in the Assembly, 29 opposition MLAs suspended दुर्ग जिले के समोदा गांव भाजपा नेता द्वारा अफीम की खेती को लेकर सोमवार को विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान स्पीकर ने 29 विपक्षी विधायकों को सस्पेंड कर दिया। कांग्रेस ने स्थगन लाकर मामले की चर्चा कराने की मांग की, लेकिन इसे अस्वीकार कर दिया गया। इसके बाद नारेबाजी करते हुए विपक्षी विधायक आसंदी तक पहुंच गए और गर्भगृह में भी हंगामा किया। हंगामा बढ़ता देख अध्यक्ष ने 29 विधायक को निलंबित कर दिया।

कांग्रेस ने बताया गंभीर मामला

कांग्रेस विधायकों ने चेतावनी दी कि यह पहली बार रिकॉर्ड में आया गंभीर मामला है। पूरे प्रदेश के फॉर्महाउस की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। उप मुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने जवाब में कहा कि मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई की। अफीम जब्त की और आरोपियों के खिलाफ वित्तीय जांच और कार्रवाई की जा रही है।

प्रदेश को अफीम का कटोरा बनाने की साजिश

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ को अफीम का कटोरा बनाने की कोशिश कर रही है सरकार। विनायक ताम्रकर अफीम की खेती कर रहा है और सरकार उसे बचाने के लिए षड्यंत्र कर रही है, जिससे प्रदेश में सूखे नशे का प्रसार बढ़ रहा है। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि एफआईआर लचर तरीके से बनाई गई है। मुख्य आरोपी को बचाने के प्रयास किए गए और घटना होली से ठीक पहले हुई।

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धान खरीदी पर वॉकआउट

पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने बजट सत्र में बस्तर के 32,200 से अधिक आदिवासी किसानों से धान खरीदी नहीं होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पंजीयन और टोकन के बावजूद किसानों का धान नहीं खरीदा गया और 206 करोड़ रुपए बकाया है।

जवाब में खाद्य मंत्री ने कहा कि जो किसान धान लेकर खरीदी केंद्र पहुंचे, उन्हीं का धान खरीदा गया। लखमा ने सवाल उठाया कि जिन किसानों का धान नहीं खरीदा गया, उनका कर्ज कौन चुकाएगा। इस दौरान पक्ष-विपक्ष में जमकर बहस हुई। सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष के विधायकों ने वॉकआउट कर दिया था। भूपेश ने कहा कि सरकार किसानों से धान खरीदी का आंकड़ा दे। किसानों से धोखधड़ी हुई है।

विधायक ने पहले उठाया धान खरीदी का मुद्दा

बता दें कि बस्तर के किसानों से धान खरीदी नहीं होने का मुद्दा पहले कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल ने उठाया और सरकार से जवाब मांगा था। इस पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि 44,612 किसान धान खरीदी केंद्रों में धान बेचने ही नहीं आए।

जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए धान खरीदी में गड़बड़ी और जबरिया समर्पण का आरोप लगाया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सरकार से समर्पण कराने वाले किसानों की संख्या स्पष्ट करने की मांग की। सदन में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।

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