राजनांदगांव . Durg जिला न्यायालय में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ Ramesh Sinha ने किया। इस अवसर पर Naresh Kumar Chandravanshi भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। न्यायालय परिसर में एनसीसी कैडेट्स ने मुख्य न्यायाधीश का स्वागत किया।
10,13,730 मामलों का हुआ समाधान
राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 10,13,826 प्रकरणों को सुनवाई के लिए रखा गया, जिनमें से 10,13,730 मामलों का आपसी समझौते से निराकरण किया गया। इन मामलों के निपटारे के साथ ही कुल 49,60,31,667 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई, जिससे पक्षकारों को त्वरित राहत मिली।
सुलह से न्याय’ का संदेश
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि लोक अदालत केवल मामलों का निपटारा नहीं, बल्कि समाज में सुलह और सौहार्द का मजबूत माध्यम है। इस अवसर पर लोक अदालत के महत्व पर आधारित एक विशेष पंडवानी गीत का भी विमोचन किया गया।
परिवारिक विवादों में भी बनी सहमति
लोक अदालत में आपराधिक समझौता योग्य मामलों, दीवानी विवाद, चेक बाउंस प्रकरणों और मोटर दुर्घटना दावों का भी निराकरण किया गया। परिवार न्यायालय में काउंसलिंग के माध्यम से कई बिछड़े दंपतियों ने फिर साथ रहने का निर्णय लिया।
तकनीक और सामाजिक सहयोग का भी उपयोग
लोक अदालत की कार्यवाही ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से संचालित की गई। दूरस्थ क्षेत्रों के पक्षकारों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया। न्यायालय परिसर में स्वास्थ्य शिविर, बंदियों द्वारा बनाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी और पक्षकारों के लिए निःशुल्क भोजन (लंगर) की व्यवस्था भी की गई।
