Wednesday, February 25, 2026
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CG बजट सत्र में उठा नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री का मुद्दा, BJP विधायकों ने गृहमंत्री को घेरा

सभी जिलों में बनाई गई है टास्क फोर्स

by Dakshi Sahu Rao
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CG Prime News@रायपुर.chhattisgarh assembly budget session 2026 छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन बुधवार को सदन में भाजपा विधायकों ने अपने ही सरकार के मंत्री से तीखे सवाल किए। बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर और धरमलाल कौशिक ने नशीले पदार्थो की अवैध बिक्री का मुद्दा उठाते हुए प्रशासन को असफल बताया है। वहीं विधायकों को जवाब देते हुए गृहमंत्री विजय शर्मा ने प्रशासन के फेल होने के आरोपों को पूरी तरह नकार दिया।

सभी जिलों में बनाई गई है टास्क फोर्स

गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि साल 2026 में (31 जनवरी 2026 तक) कुल 146 प्रकरणों में 257 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। 2025 में 16 आरोपियों की करीब 13.29 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त या फ्रीज की गई है। नशीले पदार्थों पर रोक लगाने के लिए सभी जिलों में टास्क फोर्स बनाई है। यह कहना गलत है कि प्रशासन फेल रहा है।

सर्वे का दिया हवाला

भाजपा विधायक चंद्राकर ने एम्स और सामाजिक न्याय मंत्रालय के राष्ट्रीय सर्वेक्षण के आकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में नशीले ड्रग यूजर डेढ़ लाख से 2 लाख हो गई है। जबकि गांजा पीने वाले संख्या 3.8 लाख से 4 लाख है। इसी तरह 10 से 17 साल के 40 हजार से ज्यादा बच्चे और किशोर इन्हेलेंट्स और कफ सिरफ के शिकार हैं। नशे की लत की वजह से मानसिक तनाव के चलते सुसाइड कर रहे हैं। इसमें मृत्यु दर 250 से 300 है। चंद्राकर ने कहा कि प्रशासन इसे रोकने में असफल रहा है।

मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि बस्तर को उद्योगपतियों को सौंपे जाने की बात पूरी तरह दुष्प्रचार है

राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता प्रस्ताव के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सदन में कहा कि बस्तर को उद्योगपतियों को सौंपे जाने की बात पूरी तरह दुष्प्रचार है। उन्होंने कहा कि हम वहां कृषि करना चाहते हैं, सिंचाई का साधन बनाना चाहते हैं। वहां कई वॉटरफॉल है, पर्यटन बढ़ाना चाहते हैं।

इससे पहले प्रश्नकाल में अजय चंद्राकर ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकिट और रैपिडो जैसे प्लेटफॉर्म वर्करों की सुरक्षा और श्रम अधिकारों का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि गिग वर्करों को संगठित श्रमिक माना जाएगा या असंगठित, और तेज डिलीवरी के दबाव में उनकी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने जवाब दिया कि फिलहाल गिग वर्करों को न तो संगठित और न ही असंगठित श्रमिक माना गया है। सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत नियम भारत सरकार के अधिनियम के अनुसार लागू होंगे, और राज्य सरकार केंद्र द्वारा अधिसूचित नियमों का पालन करेगी।

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