Saturday, February 14, 2026
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आईपीएस के भतीजे ने फांसी लगाकर की खुदकुशी, सुसाइडल नोट में लिखा पढ़ने में मन नहीं लगता पैसा बरबाद कर रहा हूं..

by cgprimenews.com
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9 माह पहले ही वह नीट की तैयारी करने आया था
cgprimenews.com@भिलाई. पविहन अतिरिक्त कमिश्नर (आईपीएस) टीआर पैकरा का भतीजा आशीष पैकरा ने शुक्रवार को सुबह करीब 7 बजे 32 बांग्ला क्वार्टर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर लिया। सूचना पर पुलिस पहुंची। पुलिस को घटना स्थल से सुसाइडल नोट मिला है। जिसमें आशीष ने जिक्र किया कि पढ़ाई में मन नहीं लगने की वजह से उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। पुलिस ने मौके पर पहुंची और उसे फांसी के फंदे से नीचे उतारा। मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया है।
भिलाई नगर टीआई त्रिनाथ त्रिपाठी ने बताया कि 14/32 बांग्ला में अतिरिक्त परिवहन कमिश्नर टीआई पैकरा रहते है। 12वीं पास भतीजा आशीष पैकरा (17 वर्ष) नीट की तैयारी कर रहा था। उन्हीं के साथ रहता था सुबह ६ बजे उसे पेपर पढ़ते हुए टीआई पैकरा ने अंतिम बार देखा था। सुबह करीब ९ बजे बंगले पर ड्यूटी कर रहे कर्मचारी उत्तम सिन्हा ने आशीष की कमरे के तरफ गया। देखा तो आशीष पर्दे से फांसी का फंदा बनाकर पंखे से झूल रहा था। तत्काल घटना की जानकारी टीआर पैकरा कमरे में गए। सूचना पर पुलिस पहुंची और घटना स्थल की जांच की। टेबल पर सुसाइडल नोट मिला। उसे अपने कब्जे लिया।
९ माह पूर्व नीट की तैयारी करने भिलाई आया
पुलिस ने बताया कि आशीष पैकरा पिता देवनारायण पैकरा ने रायपुर बागबहार से 12 वीं पास किया। 9 माह पूर्व नीट की तैयारी करने बड़े पिता टीआई पैकरा के पास भिलाई आ गया। उसके लिए अलग से कमरा था। जहां नीट की तैयारी कर रहा था। सुबह 6 बजे उठकर पेपर पढ़ा। इसके बाद अपने कमरे में गया। 9 बजे वह पंखे से लटका हुआ था।

सुलाइडल नोट में लिखा बड़े मम्मी पापा को कोई परेशान नहीं करें…
हमेशा से मुझको ऐसा ख्याल आता है दिन रात सोते रहना ही अच्छा लगता है। हमेशा के लिए सोउगा। गुड नाईट…
मेरे को पता नहीं इस विषय का फारमेट कैसा होना चाहिए हां हां हांं…
बस इतना बताना है कि मैं जो भी कर रहा हूं। खूद की मर्जी से कर रहा हूं। कोई बड़े पापा-माम्मी को ना ही लाए बीच में…
सब खुश रहना हस्ते रहना। आशीष सोसाइड का सिम्बाल 9809 मोबाइल पासवर्ड है।
दुख माने की जरुरत नहीं है। मेरे बुरे काम को याद करना हां हां हां…
कुछ समझ नहीं आ रहा। कॅरियर बरबाद हो गया। जीने की वजह नहीं बची। पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है। पैसा बरबाद कर रहा हूं। जो भी कर रहा हूं। अपनी मर्जी से कर रहा हूं.. आशीष…

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