Monday, February 23, 2026
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राज्यपाल रमेन डेका ने विधानसभा सत्र में किया संबोधन

राज्यपाल ने विधानसभा के नवीन भवन का उद्घाटन, किसानों, महिलाओं और युवाओं के कल्याण के लिए सरकार की योजनाओं का किया उल्लेख।

by cgprimenews.com
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राज्यपाल रमेन डेका छत्तीसगढ़ विधानसभा में संबोधन देते हुए

रायपुर. राज्यपाल रमेन डेका ने आज छत्तीसगढ़ की 6वीं विधानसभा के अष्टम सत्र को संबोधित किया और अपने अभिभाषण में प्रदेश की विकास यात्रा और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। विधानसभा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने उनका स्वागत किया।

कृषि और किसान कल्याण पर विशेष जोर

राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास का आधार मजबूत किसानों से जुड़ेगा। इस वर्ष सरकार ने 25.24 लाख किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान समर्थन मूल्य पर खरीदा और 33,431 करोड़ रुपये का भुगतान किया। उन्होंने ‘कृषक उन्नति योजना’ और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का उल्लेख करते हुए किसानों को आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार सुविधा प्रदान करने का आश्वासन दिया।

मातृशक्ति और महिला सशक्तिकरण

राज्यपाल ने महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता बताते हुए ‘महतारी गौरव वर्ष’ की घोषणा की। उन्होंने महतारी वंदन योजना और मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उल्लेख किया। इसके अंतर्गत राज्यभर में हजारों महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है और 6,412 जोड़ों का सामूहिक विवाह सम्पन्न कराया गया।

विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य

राज्यपाल ने शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों को भी साझा किया। नवा रायपुर को एजुकेशन और साइंस हब के रूप में विकसित करने, नए मेडिकल कॉलेजों, नेत्र परीक्षण और स्वास्थ्य योजनाओं के माध्यम से आम नागरिकों को लाभ पहुँचाने की बात कही।

सड़क, रेल और ऊर्जा परियोजनाएं

प्रदेश में 51 हजार करोड़ रुपये के रेलवे प्रोजेक्ट, नए एक्सप्रेस वे और सड़कों के निर्माण का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि ये परियोजनाएं आर्थिक विकास में मददगार साबित होंगी। ऊर्जा क्षेत्र में 15 लाख से अधिक बीपीएल परिवारों को निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराने की योजना की जानकारी दी।

सांस्कृतिक और पर्यटन क्षेत्र

राज्यपाल ने जनजातीय संस्कृति, बस्तर पंडुम, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम और पर्यटन गांव धुड़मारास के विकास का उल्लेख किया। डिजिटल संग्रहालय और सांस्कृतिक केंद्रों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का काम भी जारी है।

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