नई दिल्ली। बीता सप्ताह शेयर बाजार के निवेशकों के लिए बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव, खासकर Israel, United States और Iran के बीच युद्ध की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। इसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया और पूरे सप्ताह बिकवाली का दबाव बना रहा। इस दौरान BSE Sensex में 4,354.98 अंक (करीब 5.51%) की गिरावट दर्ज की गई, जबकि Nifty 50 1,299.35 अंक (करीब 5.31%) तक फिसल गया। बाजार में आई इस तेज गिरावट का सीधा असर बड़ी कंपनियों के मार्केट कैप पर पड़ा।
टॉप-10 कंपनियों की वैल्यू में बड़ी गिरावट
सेंसेक्स की टॉप-10 कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में बीते सप्ताह करीब 4.48 लाख करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई। इससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता और निवेशकों की घबराहट के कारण यह गिरावट देखने को मिली।
एसबीआई को सबसे ज्यादा नुकसान
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक State Bank of India को इस गिरावट का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। बैंक का मार्केट कैप एक ही सप्ताह में 89,306.22 करोड़ रुपये घट गया। इसके बाद बैंक का कुल बाजार पूंजीकरण घटकर 9,66,261.05 करोड़ रुपये रह गया।
एचडीएफसी और बजाज फाइनेंस भी प्रभावित
इसके अलावा HDFC Bank और Bajaj Finance के मार्केट कैप में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप 61,715.32 करोड़ रुपये घटकर 12,57,391.76 करोड़ रुपये रह गया। वहीं बजाज फाइनेंस की बाजार वैल्यू 59,082.49 करोड़ रुपये कम होकर 5,32,053.54 करोड़ रुपये पर आ गई। विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक वैश्विक हालात स्थिर नहीं होते, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
