रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में चोरी-छिपे सालों से रह रहे एक बांग्लादेशी परिवार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस परिवार ने अपने नाम से कई फर्जी दस्तावेज भी बनवा रखे थे। पुलिस इनके खिलाफ मामला दर्ज कर पूछताछ कर रही है। साथ ही फर्जी कागजात बनाने वाले और घुसपैठ कराने वाले की पड़ताल कर रही है। टिकरापारा पुलिस अवैध तरीके से निवासरत विदेशी नागरिकों की खोजबीन में जुटी हुई थी। इसी दौरान एक परिवार के बारे में पुलिस को जानकारी मिली।
इनको पुलिस ने पकड़ा
यह परिवार टिकरापारा के धर्मनगर में किराए का मकान लेकर रह रहा था। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की तो सारी सच्चाई सामने आ गई। यह परिवार मूल रूप से बांग्लादेश के मुख्तारपुर के थाना मुंशीगंज का रहने वाला है और रायपुर में काफी समय से रह रहा है। इन लोगों ने अपना नाम मो.दिलावर खान, उसकी पत्नी परवीन बेगम बताया है। साथ ही इनका एक नाबालिग बच्चा भी है।
फर्जी दस्तावेज जब्त किए गए
यह परिवार अंडा ठेला लगाकर जीवन यापन कर रहा था। फिलहाल टिकरापारा पुलिस इस परिवार से पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस बांग्लादेशी परिवार ने भारतीय नागरिकता से संबंधित लगभग सभी दस्तावेज फर्जी तरीके से तैयार करवाया था। उनके पास से आधार कार्ड, राशन कार्ड समेत अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। जिनकी जांच की जा रही है।
पहले भी तीन सगे भाई पकड़े गए
इससे पहले 10 फरवरी को छत्तीसगढ़ पुलिस की एंटी टेररिज्म स्क्वाड ने टिकरापारा के मिश्रा बाड़ा और ताज नगर में रह रहे बांग्लादेशी तीन भाइयों का भंडाफोड़ किया था। तीनों भाई यहां से भाग कर ईराक जाने की तैयारी में थे. इसीलिए छत्तीसगढ़ से मुंबई पहुंचे थे। मुंबई एयरपोर्ट से तीनों भाइयों को गिरफ्तार किया गया था। तीनों भाई इन दिनों रायपुर जेल में बंद हैं। तीनों आरोपियों के पास से भी फर्जी दस्तावेज मिले थे। तीनों फर्जी दस्तावेज के सहारे रायपुर में रह रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद इस्माइल, शेख अकबर और शेख साजन के रूप में हुई थी।

