CG Prime News@कोरबा. assistant engineer of the electricity department was arrested for accepting a bribe of 50,000 rupees छत्तीसगढ़ में ACB (एंटी करप्शन ब्यूरो) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बुधवार को विद्युत विभाग के एक असिस्टेंट इंजीनियर को 50 हजार रिश्वत लेते पकड़ा। पूरा मामला कोरबा जिले के दीपका थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के अनुसार विद्युत विभाग का असिस्टेंट इंजीनियर ट्रांसफार्मर लगाने के नाम पर किसान से 50 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ाया।
ट्रांसफार्मर लगवाने के नाम पर रिश्वत की डिमांड
मिली जानकारी के अनुसार पीडि़त किसान ने इस पूरे मामले की शिकायत एसीबी से की थी। पीडि़त किसान का नाम श्यामता टंडन है। वह ग्राम रलिया में रहता है। वह अपने खेत में ट्रांसफार्मर लगवाना चाहता था, जिसके लिए उसने विद्युत विभाग के दफ्तर में आवेदन दिया था। जिसके बदले असिस्टेंट इंजीनियर सत्येंद्र दिवाकर ने 80 हजार रुपए की डिमांड की थी। किसान पहले ही 30 हजार रुपए घूस दे चुका था।
एसीबी (ACB) बिलासपुर में की थी शिकायत
बुधवार को किसान असिस्टेंट इंजीनियर को रिश्वत के बाकी 50 हजार रुपए देने गया था। इसी दौरान एसीबी ने जाल बिछाकर असिस्टेंट इंजीनियर को गिरफ्तार कर लिया। किसान ने बताया कि वह 50 हजार रुपए रिश्वत के तौर पर और नहीं देना चाहता था। इसलिए इस पूरे मामले की शिकायत एसीबी में की थी। मामले की शिकायत सही पाए जाने पर बिलासपुर एंटी करप्शन ब्यूरो ने यह पूरी कार्रवाई की।
इस मामले में डीएसपी एसीबी बिलासपुर अजितेश सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत कार्रवाई की जा रही है। एसीबी ने दोहराया कि भ्रष्ट लोकसेवकों के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा और रिश्वत मांगने की किसी भी घटना की तत्काल सूचना देने की अपील की गई है।
आरआई को चार साल की सजा
इधर छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगने वाले RI (रेवेन्यू इंस्पेक्टर) को कोर्ट ने 4 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी आरआई ने पीडि़त महिला से जमीन का नक्शा काटने और रिकॉर्ड करेक्ट करने के बदले घूस की डिमांड की थी।
