नई दिल्ली। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में भारतीय रेलवे के तेज़ी से हो रहे आधुनिकीकरण और विस्तार को “धीमी वृद्धि से अति-तीव्र परिवर्तन” की ओर बढ़ता नया युग बताया। उन्होंने कहा कि रेलवे आज भी आम आदमी और मध्यम वर्ग की सबसे भरोसेमंद, सुरक्षित और सस्ती सवारी बनी हुई है। (Indian Railways is undergoing rapid transformation, Union Minister makes a major statement in Parliament)
रिकॉर्ड बजट और बढ़ता दायरा
मंत्री ने बताया कि केंद्रीय बजट 2026-27 में भारतीय रेलवे को करीब ₹2.78 लाख करोड़ का रिकॉर्ड आवंटन मिला है। यह पहले के ₹25-30 हजार करोड़ की तुलना में कई गुना अधिक है, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीक और सेवाओं में तेज़ सुधार संभव हुआ है।
देश में रेलवे नेटवर्क अब लगभग 1.37 लाख किलोमीटर तक फैल चुका है और प्रतिदिन 25,000 से अधिक ट्रेनें संचालित हो रही हैं।
सस्ती यात्रा और आम जनता पर फोकस
रेल मंत्री ने कहा कि सरकार हर यात्री के टिकट पर लगभग 45% सब्सिडी दे रही है, जिससे यात्रा किफायती बनी हुई है। रेलवे के लगभग 70% कोच सामान्य और स्लीपर श्रेणी के हैं, जो आम नागरिकों की जरूरतों को प्राथमिकता देते हैं। पिछले वर्षों में रेलवे ने 35,000 किमी नई पटरियां बिछाई हैं और 99% नेटवर्क का विद्युतीकरण पूरा किया जा चुका है। सुरक्षा के लिए ‘कवच’ जैसी स्वदेशी तकनीक लागू की जा रही है, जिससे दुर्घटनाओं में करीब 90% तक कमी आई है।
नई ट्रेनें और बेहतर सुविधाएं
देशभर में 160 से अधिक वंदे भारत और 60 अमृत भारत ट्रेनें चल रही हैं। इसके अलावा 200 नई इंटरसिटी और 238 उपनगरीय ट्रेनें शुरू की जा रही हैं। स्टेशन पुनर्विकास के तहत 1,300 स्टेशनों को आधुनिक बनाया जा रहा है। रेलवे परियोजनाओं से पिछले 10 वर्षों में लगभग 5 लाख रोजगार सृजित हुए हैं। साथ ही, माल ढुलाई क्षमता बढ़कर भारत को वैश्विक स्तर पर दूसरा सबसे बड़ा रेल मालवाहक बना चुकी है।
