CG Prime News @ दुर्ग। बिना लाइसेंस बाइक चलाने देने वाले पिता को सजा सुनाते हुए दुर्ग के सत्र न्यायालय ने सड़क सुरक्षा पर कड़ा संदेश दिया है। न्यायालय ने पिता को 3 माह के साधारण कारावास और 5,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है, जबकि बाइक चलाने वाले पुत्र को आपराधिक मानव वध के तहत सजा मिली है।
क्या था पूरा सड़क दुर्घटना मामला?
दिनांक 04 अगस्त 2025 को रात लगभग 20:30 बजे थाना सुपेला (पुलिस चौकी स्मृतिनगर) क्षेत्र में इंदु आईटी स्कूल, कोहका के पास यह हादसा हुआ। मोटरसाइकिल (CG 07 CW-2768) चालक मोहित कुमार बघेल ने तेज और लापरवाही से वाहन चलाते हुए एक्टिवा (CG 19 A-2771) को टक्कर मार दी। हादसे में एक्टिवा चालक शादान अली की मृत्यु हो गई, जबकि पीछे बैठे उत्तम पांडेय गंभीर रूप से घायल हुए। पुलिस ने अपराध क्रमांक 1025/2025 दर्ज कर विवेचना की।
बिना लाइसेंस बाइक चलाने देने वाले पिता को सजा क्यों मिली?
पुलिस विवेचना में सामने आया कि मोहित के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। इसके बावजूद उसके पिता और वाहन मालिक मोहन लाल बघेल ने उसे मोटरसाइकिल चलाने के लिए दी थी। इसी आधार पर पुलिस ने पिता को भी आरोपी बनाया और अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मोटरयान अधिनियम के अनुसार बिना वैध लाइसेंस वाले व्यक्ति को वाहन चलाने देना भी दंडनीय अपराध है।

सत्र न्यायालय ने सुनाई यह सजा
माननीय सत्र न्यायालय, दुर्ग ने 31 अक्टूबर 2026 को सत्र प्रकरण क्रमांक 55/2026 में निर्णय सुनाते हुए पिता और पुत्र दोनों को दोषसिद्ध किया।
मोहित कुमार बघेल (वाहन चालक, उम्र लगभग 19 वर्ष)
- भारतीय न्याय संहिता की धारा 105(2): 5 वर्ष सश्रम कारावास और 1,000 रुपये अर्थदंड
- भारतीय न्याय संहिता की धारा 110(2): 3 वर्ष सश्रम कारावास और 1,000 रुपये अर्थदंड
- मोटरयान अधिनियम की धारा 184: 10 माह साधारण कारावास और 3,000 रुपये अर्थदंड
- मोटरयान अधिनियम की धारा 3/181: 3 माह साधारण कारावास और 5,000 रुपये अर्थदंड
मोहन लाल बघेल (पिता एवं वाहन मालिक, उम्र लगभग 54 वर्ष)
- मोटरयान अधिनियम की धारा 5/180: 3 माह साधारण कारावास और 5,000 रुपये अर्थदंड
- अर्थदंड अदा न करने पर 7 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास
इस प्रकरण में लोक अभियोजक द्रोण ठाकुर ने राज्य की ओर से प्रभावी पैरवी की। पुलिस चौकी स्मृतिनगर, थाना सुपेला की टीम की विवेचना और साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को सजा मिली।

दुर्ग पुलिस की अभिभावकों से अपील
दुर्ग पुलिस ने सभी अभिभावकों और वाहन मालिकों से अपील की है कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी परिस्थिति में वाहन न चलाने दें। वाहन सौंपने से पहले चालक की आयु और वैध ड्राइविंग लाइसेंस की जांच जरूर करें। बिना लाइसेंस बाइक चलाने देने वाले पिता को सजा मिलने का यह फैसला सभी के लिए सबक है, क्योंकि नाबालिगों या बिना लाइसेंस वालों को वाहन देना अपनी और दूसरों की जान को खतरे में डालता है।
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