Monday, August 10, 2026
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रांची में विधानसभा मार्च के दौरान बवाल, पुलिस ने छोड़ी पानी की बौछार

सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी, बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े प्रदर्शनकारी; नौ दिन से अनशन कर रहे देवेंद्रनाथ महतो भी मार्च में पहुंचे

by cgprimenews.com
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रांची में विधानसभा मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल करती पुलिस

JSSC-CGL समेत भर्ती परीक्षाओं पर घमासान

रांची। Uproar during the Assembly march in Ranchi; police use water cannons. झारखंड की राजधानी रांची में सोमवार, 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के लिए निकले अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की और बाद में वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की तेज बौछार के बावजूद कई प्रदर्शनकारी मौके पर डटे रहे और कुछ ने बैरिकेड पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की।

भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितता को लेकर आंदोलन

अभ्यर्थियों का यह आंदोलन झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में चल रहा है। प्रदर्शनकारी विशेष रूप से JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की CBI जांच की मांग कर रहे हैं। सरकार की ओर से दावा किया गया है कि आंदोलनकारी छात्रों की करीब 98 प्रतिशत मांगों पर सहमति बन चुकी है। हालांकि, प्रदर्शनकारी इस दावे से पूरी तरह सहमत नहीं हैं।

नौ दिन से अनशन पर देवेंद्रनाथ महतो भी मार्च में पहुंचे

आंदोलन में छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो भी शामिल हुए। वह पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि वह एंबुलेंस के जरिए प्रदर्शन स्थल तक पहुंचे और स्ट्रेचर पर आगे बढ़े। उनका कहना है कि जब तक अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। महतो ने यह भी दावा किया कि वह कंटीले तारों की बाड़ और पुलिस की बैरिकेडिंग पार कर प्रदर्शन स्थल तक पहुंचे।


14वीं JPSC समेत तीन परीक्षाओं पर बनी सहमति

रविवार को रांची के स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई। आंदोलनकारी पक्ष के अनुसार, वार्ता में 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा, JPSC बैकलॉग परीक्षा 2023 और बैकलॉग परीक्षा 2025 को रद्द करने के मुद्दे पर सहमति बनने की बात सामने आई है। आंदोलनकारी नेताओं के मुताबिक, इन परीक्षाओं से जुड़े मामलों की जांच के लिए CID, ED और सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में जांच जैसे प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।

CBI जांच की मांग पर अब भी अड़े छात्र

हालांकि, आंदोलनकारियों की सबसे प्रमुख मांगों में से एक CBI जांच को लेकर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। छात्र नेताओं का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए वे CBI जांच चाहते हैं। इसके अलावा उम्र सीमा में छूट समेत कुछ मांगों पर भी अंतिम सहमति नहीं बन पाई है। ऐसे में सरकार और छात्रों के बीच बातचीत के बावजूद आंदोलन पूरी तरह खत्म होने के संकेत नहीं हैं।


 

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