CG Prime News@बिलासपुर.Bird flu spreads in Bilaspur Chhattisgarh छत्तीसगढ़ में बर्ड फ्लू का कहर तेजी से बढ़ रहा है। बिलासपुर में कोनी स्थित पोल्ट्री फार्म में बर्ड-फ्लू वायरस मिला है। यहां 5 हजार मुर्गियां की मौत के बाद 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाली 22 हजार से ज्यादा पक्षी और 25 हजार अंडे नष्ट किए गए। इधर एहतियात के तौर पर 25 मार्च से 7 दिन के लिए कानन पेंडारी जू बंद कर दिया है। निगम की टीम ने चिकन अंडे की दुकाने बंद करवाई है, लेकिन लोग मनमानी करते हुए फिर दुकानें खोल ले रहे हैं।
प्रशासन की सामने आई लापरवाही
बर्ड फ्लू वायरस फैलने के बाद प्रशासन की 2 अलग-अलग लापरवाही सामने आई है। एक तरफ खमतराई इलाके में मरी मुर्गियां फेंकी मिली। दूसरी तरफ मुर्गियों की मौत के बाद भी चूजों और अंडों की सप्लाई संभाग भर में जारी रही। शुरुआती दौर में अधिकारियों ने पक्षियों की मौत को मौसम परिवर्तन मान लिया था। बिना जांच बड़ी संख्या में पक्षियों को दफना दिया गया। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ा। हालांकि लापरवाही के कारण ही संक्रमण तेजी से फैलने की आशंका जताई जा रही है।
100 मुर्गों की मौत को किया गया नजरअंदाज
दरअसल शहर से लगे कोनी स्थित कुक्कुट पालन परिसर में बर्ड फ्लू का संक्रमण फैलने के बाद दैनिक भास्कर डिजिटल की टीम ने पड़ताल की, तब पता चला कि यहां मुर्गे-मुर्गियों की मौत का सिलसिला 16 मार्च से पहले शुरु हो गया था। शुरुआत में करीब 100 मुर्गों की मौत हुई, तब यहां के जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों ने इसे नजरअंदाज किया। इस दौरान हमेशा की तरह यहां से पूरे संभाग भर में सप्लाई का सिलसिला जारी रहा। इस बीच लगातार मौतों का आंकड़ा बढ़ने लगा।
6 दिन बाद सैंपल भेजे गए
सरकारी पोल्ट्री फार्म में 17 मार्च से पहले ही मुर्गे-मुर्गियों की मौत शुरू हो गई थी। इसके बावजूद पूरे संभाग में मुर्गे-मुर्गियों और चूजों की सप्लाई लगातार चलती रही। जब बड़ी संख्या में मौतें हुईं, तब करीब 6 दिन बाद सैंपल जांच के लिए भेजे गए।

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बर्ड फ्लू का कहर, 10 किमी. के दायरे में 47 हजार पक्षी-अंडे नष्ट
जांच रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। सरकारी पोल्ट्री फार्म में 5 हजार से अधिक मुर्गियां, 22 हजार से ज्यादा पक्षी और 25 हजार से अधिक अंडे नष्ट किए गए। प्रशासन ने दावा किया कि संक्रमण नियंत्रण में है, सभी जरूरी सावधानियां बरती जा रही हैं। एहतियान के तौर पर कानन पेंडारी जूलॉजिकल पार्क को 25 मार्च से 7 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की 14 सदस्यीय टीमों ने देवनंदन नगर क्षेत्र में डोर-टू-डोर सर्वे कर रही है। परिसर में सैनिटाइजेशन किया जा रहा है और सभी पक्षियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। इस दौरान बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक रहेगी।
संयुक्त संचालक ने कहा- स्टाफ की कमी है
इस पूरे मामले में पशु चिकित्सा विभाग के संयुक्त संचालक जीएसएस तंवर ने कहा कि संक्रमण रोकने 1 किलोमीटर के दायरे में आने वाले घरों का सर्वे कर मुर्गियों को जब्त कर नष्ट किया जा रहा है। टीम को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। कोनी से 10 किमी के दायरे में मुर्गा की खरीदी-बिक्री पर रोक है। जहां दुकान खुले मिल रहे, वहां बंद करवा रहे हैं, लेकिन दुकानदार फिर खोल लेते हैं। स्टॉफ भी उतना नहीं है।
