बिलासपुर। राजकिशोरनगर स्थित महालक्ष्मी ज्वेलर्स में हुई बड़ी लूट की घटना के बाद बिलासपुर पुलिस और सराफा व्यापारियों के बीच सुरक्षा को लेकर अहम बैठक आयोजित की गई। बिलासा गुड़ी स्थित चेतना हॉल में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता एसएसपी रजनेश सिंह ने की, जिसमें जिले भर के सराफा व्यापारी शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य हालिया आपराधिक घटनाओं के मद्देनज़र सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और पुलिस-व्यापारी समन्वय को बेहतर बनाना रहा।
ऑपरेशन गोल्ड’ टीम का सम्मान
बैठक से पूर्व प्रदेश सराफा संघ अध्यक्ष कमल सोनी के नेतृत्व में ‘ऑपरेशन गोल्ड’ के तहत 24 घंटे के भीतर अंतरराज्यीय लूट गिरोह का खुलासा करने वाली 11 सदस्यीय पुलिस टीम का सम्मान किया गया। इस दौरान आईजी रामगोपाल गर्ग, एडिशनल एसपी पंकज पटेल सहित पुलिस अधिकारियों को शॉल एवं मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया। व्यापारियों ने इस कार्रवाई को बिलासपुर पुलिस की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
आईजी बोले — जनता भी पुलिस की साझेदार
आईजी रामगोपाल गर्ग ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रणनीतिक योजना बनाई और पूरी टीम को अलर्ट मोड पर रखा गया। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण में आम जनता की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस तक पहुंचाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
व्यापारियों के लिए जारी हुए कड़े सुरक्षा मानक
एसएसपी रजनेश सिंह ने सराफा व्यापारियों को सुरक्षा संबंधी विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने दुकानों में हाई-क्वालिटी सीसीटीवी कैमरे लगाने, आभूषणों के अनावश्यक परिवहन से बचने और सुरक्षित स्टोरेज सिस्टम अनिवार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी सदस्यता नवीनीकरण के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले व्यापारियों के खिलाफ सख्त निर्णय लिया जाएगा।
मिर्जापुर ऑपरेशन में शामिल विशेष पुलिस टीम
लूट कांड के खुलासे के लिए मिर्जापुर गई विशेष टीम में उप पुलिस अधीक्षक निमितेश सिंह परिहार, निरीक्षक किशोर केवट, एसआई शैलेन्द्र सिंह, प्रधान आरक्षक बलबीर सिंह, अतीश पारीक सहित कुल 11 पुलिसकर्मी शामिल रहे, जिनकी भूमिका को बैठक में विशेष रूप से सराहा गया।
