बलौदाबाजार. जिला प्रशासन एवं पुलिस की व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के बीच 22 फरवरी 2026 से 24 फरवरी 2026 तक आयोजित ऐतिहासिक गिरौदपुरी मेला सफलता पूर्वक एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो गया। तीन दिवसीय मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बावजूद सुरक्षा, यातायात एवं आपात व्यवस्थाएं पूरी तरह सुचारू रहीं।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही तैनात
मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कुल 968 पुलिस बल तैनात किया गया था। इसमें 18 राजपत्रित अधिकारी, 21 निरीक्षक, 51 उपनिरीक्षक/सहायक उपनिरीक्षक, 66 प्रधान आरक्षक तथा 812 आरक्षक एवं महिला आरक्षक शामिल रहे। पूरे मेला परिसर में 24 घंटे निगरानी के लिए 80 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, जिनके माध्यम से गतिविधियों पर सतत नजर रखी गई।
पुलिस सहायता केंद्र बने सहारा
मेले में स्थापित पुलिस सहायता केंद्रों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मेले के दौरान गुम हुए कुल 32 लोगों को पुलिस टीम ने खोजकर सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द किया। श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस लगातार सक्रिय रही।
संदिग्धों पर विशेष नजर
मेला क्षेत्र में बाहरी राज्यों से आने वाले व्यक्तियों एवं ठेला-गुमटी लगाने वालों का सत्यापन किया गया। इस दौरान कुल 79 लोगों का सर्च स्लिप भरकर उनकी जानकारी दर्ज की गई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत रही।
यातायात और पार्किंग की बेहतर व्यवस्था
श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए 20 से अधिक स्थानों पर पार्किंग स्थल बनाए गए। छाता पहाड़ क्षेत्र में विशेष पार्किंग व्यवस्था की गई, वहीं गिरौदपुरी चौकी के पीछे स्थित शेरे पंजा स्थल को मुख्य पार्किंग के रूप में विकसित किया गया। पैदल श्रद्धालुओं के लिए अलग मार्ग एवं मजबूत बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई, जिससे आवागमन सुगम रहा।
आपातकालीन सेवाएं रहीं सतर्क
किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए 08 कुशल गोताखोर जोंक नदी एवं मुख्य तालाब क्षेत्र में 24 घंटे तैनात रहे। साथ ही 05 फायर ब्रिगेड वाहन निरंतर अलर्ट मोड में रहे। सूचना आदान-प्रदान और समन्वय के लिए 100 मैनपेक सेट एवं 30 स्टैटिक सेट का उपयोग किया गया। सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु 15 से अधिक फिक्स पॉइंट भी स्थापित किए गए।
