Thursday, February 5, 2026
Home » Blog » कांग्रेस को टाटा… बॉय..बॉय! इस जिले में एक साथ 31 नेताओं ने थामा BJP का दामन, सियासत में मची खलबली

कांग्रेस को टाटा… बॉय..बॉय! इस जिले में एक साथ 31 नेताओं ने थामा BJP का दामन, सियासत में मची खलबली

by CG Prime News
0 comments

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। जहां पार्टी से जुड़े 31 नेताओं ने एक साथ इस्तीफा देकर बीजेपी की सदस्यता ले ली। यह घटनाक्रम सियासी हलकों में हलचल मचा रहा है और इसे बीजेपी की रणनीतिक जीत के तौर पर देखा जा रहा है। लगातार बदलते समीकरणों के बीच देवभोग अब राजनीतिक रूप से बीजेपी की ओर झुकता दिख रहा है। इससे कांग्रेस के लिए आगामी समय में नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।

बता दें कि शनिवार को बीजेपी के जिला दफ्तर में 31 कांग्रेसी नेताओं को बीजेपी में शामिल कराया गया। पूर्व ब्लाक अध्यक्ष ,पूर्व जिला मंत्री ,पूर्व सरपंच समेत अन्य सबने कांग्रेस को टाटा… बॉय..बॉय किया है। वहीं, एक बीजेपी नेता ने कहा कि कांग्रेस मुक्त देवभोग ब्लाक… होगा।

इन्होंने किया भाजपा में प्रवेश

श्याम लाल सोनी (4 बार के ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष ), सूरज शर्मा ( जिला मंत्री गरियाबंद), बिलभद्र यादव (सेवा दल अध्यक्ष देवभोग), परमानंद यदु, राजेंद्र सोनी, ओमप्रकाश ठाकुर, ललित यदु, नरेंद्र सोनी, लक्ष्मण सोनी,जयराम यदु,छबि राम मांझी,कुलेश्वर यदु,सिरवाली यदु,हीराबाई यदु, बेलमतीमाझी,सुजाता यदु,उर्मिलामाझी,कुंतुला यदु,तिरोबाईयदु,रुकमणि यदु,प्रेमलता यदु,वसुला माझी, नमिता सोनी, नीलेन्द्री सोनी, जनकसुता सोनी , कालेन्द्री सोनी ,जीरा बाई सिन्हा ,जयंती माझी, सावेत्रि सिन्हा,सुखी निषाद,मालती निषाद शामिल हैं।

कार्यकर्ताओं की अहमियत

पार्टी छोड़ने की वजह बताते हुए श्याम लाल सोनी ने कहा कि कांग्रेस में चुनाव के समय ही कार्यकर्ताओं की अहमियत होती है। वहीं सूरज शर्मा ने कहा कि नेता बनने के बाद कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं का सम्मान करती है। भाजपा सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर उन्होंने यह निर्णय लिया है।

आने वाले चुनाव में कितना प्रभाव पड़ेगा?

इस घटनाक्रम को लेकर सियासी गलियारों में चर्चा तेज है कि बीजेपी अब गरियाबंद जैसे क्षेत्रों में अपनी पकड़ और मजबूत कर रही है। लगातार हो रहे दल-बदल यह संकेत दे रहे हैं कि राज्य में पार्टी की रणनीति निचले स्तर तक असर दिखा रही है। अब देखना होगा कि इस बदलाव का आने वाले चुनावों में कितना प्रभाव पड़ता है।

You may also like