Thursday, February 12, 2026
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छत्तीसगढ़ के जेलों में बंद कैदी पढ़ेंगे पांच्जन्य और ऑर्गेनाइजर मैगजीन, जेल DG बोले कैदियों के सुधार में अहम कदम

by Dakshi Sahu Rao
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CG PRIME NEWS

CG Prime News@दुर्ग. छत्तीसगढ़ की जेलों में कैदी अब पांच्जन्य और ऑर्गेनाइजर मैगजीन पढ़ सकेंगे। जेलों में पढ़ाई की सुविधाओं और लाइब्रेरी को बेहतर बनाने की दिशा में यह कदम उठाया गया है। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जेल प्रशासन की मंशा है कि कैदी समसामयिकी के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और राष्ट्रप्रेम के विषय में भी जागरूक रहें। जेल डीजी हिमांशु गुप्ता ने बताया कि जेल में यह पहल जेलों में कैदियों के सुधार की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकता है। इससे कैदियों का मानसिक विकास होगा। कैदियों के जेलों से बाहर जाने के बाद उनके समाज में पुन: स्थापित होने की प्रक्रिया को भी ये प्रोत्साहित करेंगी।

एक लाख से अधिक पुस्तकें पहले से उपलब्ध
छत्तीसगढ़ की जेलों में एक लाख से अधिक पुस्तकें पहले से ही उपलब्ध हैं। अब पांच्जन्य एवं ऑर्गनाइजर की उपलब्धता से कैदियों का ज्ञान और बढ़ेेगा। इन मैगजीनों के माध्यम से कैदी न केवल समसामयिक मुद्दों पर अपने विचारों को धार दे सकेंगे, बल्कि सनातन भारतीय संस्कृति और परंपराओं से भी परिचित होंगे। कैदियों की सुधार की दिशा में अहम कदम होगा।

जेलों में सुधार को प्राथमिकता
नई सरकार जेलों के सुधार की दिशा में काम करने को प्राथमिकता दे रही है। हाल ही में प्रदेश की विभिन्न जेलों का निरीक्षण किया था। इसमें उन्होंने पाया कि जेलों की लाइब्रेरी में ये दोनों ही पुस्तकें नहीं हैं। इसके बाद जेल प्रबंधन ने इन दोनों पत्रिकाओं को सभी जेलों में कैदियों के लिए उपलब्ध कराए जाने की दिशा में काम शरू कर दिया। जेल प्रबंधन का मानना है कि इससे कैदियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं के बारे में जानकारी मिलेगी।

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