CG Prime News@राजनांदगांव. Teacher Who Beat School Student in Dongargarh Arrested राजनांदगांव जिले में एक प्राइवेट स्कूल की टीचर की पिटाई के बाद 7 वीं क्लास के स्टूडेंट की सुनने की क्षमता 70-80 प्रतिशत तक डैमेज हो गई। वह सुन नहीं पा रहा है। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी महिला टीचर को गिरफ्तार कर लिया है। घटना डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र के खालसा पब्लिक स्कूल की है।
टीचर गिरफ्तार
डोंगरगढ़ एसडीओपी केसरी नंदन नायक ने बताया कि, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर पुराने लंबित मामलों की समीक्षा की गई। इसके बाद थाना प्रभारी को सभी पुराने मामलों का जल्द निपटारा करने के निर्देश दिए गए। इसी के तहत खालसा स्कूल मामले में कार्रवाई की गई। इस मामले की मुख्य आरोपी प्रियंका सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है।

टीचर के पीटने से 7 वीं का छात्र हुआ बहरा, परिजनों की शिकायत के बाद गिरफ्तार
यह है पूरा मामला
घटना 2 जुलाई 2025 की है। कक्षा 7वीं का छात्र सार्थक सहारे (13) हमेशा की तरह स्कूल गया था। इस दौरान सोशल साइंस की टीचर प्रियंका सिंह क्लास लेने के लिए आई। टीचर ने छात्र सार्थक को किताब निकालने के लिए कहा, लेकिन उसे बुक निकालने में देरी हो गई। छात्र ने टीचर से दोबारा पूछा कि मैम आपने क्या कहा है, मैं सुन नहीं पाया हूं। इससे टीचर गुस्से से तमतमा उठीं और 3-4 थप्पड़ मार दिए।
सुनाई देना हुआ बंद
सार्थक की मां संतोषी सहारे ने बताया कि उनका बेटा स्कूल से घर लौटते ही बोला कि मम्मी, मुझे अब सुनाई नहीं दे रहा। घबराए परिजन तत्काल उसे डोंगरगढ़ के सरकारी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर्स ने प्रारंभिक जांच में बताया कि छात्र के कान में अंदरूनी चोट आई है।
इसके बाद डॉक्टर्स ने सार्थक को राजनांदगांव जिला अस्पताल, फिर रायपुर के निजी अस्पताल में रेफर किया। जहां डॉक्टरों ने बताया कि चोट गहरी है। इलाज लंबा चल सकता है। अभी भी छात्र को सुनने में तकलीफ है। हालांकि अस्पताल से उसे इलाज के बाद छुट्टी मिल गई थी।
मामले को दबाने का आरोप
पीडि़त छात्र के पिता सुधाकर सहारे ने बताया कि वे पिछले 9 महीनों से अपने बच्चे को न्याय दिलाने के लिए लगातार कोशिश कर रहे थे। अब जाकर प्रियंका सिंह की गिरफ्तारी हुई है।
उन्होंने कहा कि अभी तक स्कूल प्रबंधन की तरफ से परिवार को कोई मदद नहीं मिली है। उल्टा, स्कूल ने मामले को दबाने और उन्हें गलत साबित करने की कोशिश की। इसकी जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने मीडिया का धन्यवाद किया, क्योंकि मीडिया के समर्थन से दबाव बना और कार्रवाई हो सकी।
टीचर को सस्पेंड करने की मांग
छात्र की मां संतोषी सहारे ने कहा कि हम बस चाहते हैं कि हमारे बच्चे को न्याय मिले। स्कूल टीचर को सस्पेंड किया जाए। बच्चे के इलाज का खर्च स्कूल उठाए। यह कोई मामूली सजा नहीं थी, बल्कि हमारे बच्चे की जिंदगी पर हमला है।
