CG Prime News@प्रयागराज.Shankaracharya Swami Avimukteshwaranand sitting on a protest at the Prayagraj Magh Mela उत्तरप्रदेश के प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बिना सूचना जाने पर हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का धरना जारी है। पालकी यानी रथ यात्रा रोके जाने के विरोध में शंकराचार्य वहीं धरने पर बैठे हैं। जहां पुलिस उन्हें छोड़ गई थी। 20 घंटे से अनाज का एक दाना भी ग्रहण नहीं किया। पानी तक छोड़ दिया। वे अपने पंडाल में पूरी रात ठंड में धरने पर बैठे रहे।
नहीं करूंगा गंगा स्नान
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जब तक पुलिस प्रशासन सम्मान और प्रोटोकॉल के साथ नहीं ले जाएगा, तब तक गंगा स्नान नहीं करूंगा। मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगीराज ने बताया- शंकराचार्य ने कल से कुछ भी नहीं खाया है। कोई प्रशासनिक अधिकारी भी उनसे मिलने नहीं आया। सुबह उन्होंने अपनी पूजा और दंड तर्पण उसी स्थान पर किया।
बवाल का CCTV सामने आया
माघ मेले में मौनी अमावस्या पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की रथ यात्रा के दौरान हुए बवाल का CCTV सामने आया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिस ने रास्ते पर बैरिकेडिंग लगाई थी। इसी दौरान शंकराचार्य के समर्थकों और पुलिस के बीच कहासुनी हुई। समर्थकों ने बैरिकेडिंग तोड़कर आगे निकलना शुरू कर दिया। रथ पर सवार शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद भी आगे बढ़े। उनके साथ चल रही भीड़ ने पुलिसवालों से धक्का-मुक्की की। अफरा-तफरी मचने पर अफसरों ने भीड़ को हटाना शुरू किया, लेकिन समर्थक नहीं माने। वे बैरिकेडिंग गिराते हुए रथ मार्ग पर आगे बढ़ते रहे।
जानिए मौनी अमावस्या पर क्या हुआ…
- माघ मेले में रविवार को स्नान के लिए आए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी पुलिस ने रोक दी। उनसे पैदल संगम जाने को कहा। शिष्यों-पुलिस के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। पुलिस ने कई शिष्यों को हिरासत में ले लिया। एक साधु को चौकी में पीटा। इससे शंकराचार्य नाराज हो गए।
- अफसरों ने समझाने की कोशिश की, हाथ जोड़े, लेकिन वे नहीं माने। फिर उनकी पालकी को खींचते हुए संगम से 1 किमी. दूर ले जाया गया। पालकी का क्षत्रप भी टूट गया। शंकराचार्य स्नान भी नहीं कर पाए। बाद में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद अपने शिविर में धरने पर बैठ गए।
- प्रयागराज के DM मनीष कुमार वर्मा ने कहा- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बिना इजाजत पालकी पर आए थे। उस समय संगम पर बहुत ज्यादा भीड़ थी। उनके समर्थकों ने बैरियर तोड़े, पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की। हम मामले की जांच कर रहे हैं।
