Friday, October 9, 2026
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दुर्ग में 8,882 श्रमिकों के खातों में पहुंचे 3.64 करोड़ रुपये, CM ने किया DBT ट्रांसफर

छत्तीसगढ़ सरकार ने श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक सहायता दी। छात्रवृत्ति, महतारी जतन, मृत्यु-दिव्यांग सहायता और ई-रिक्शा योजनाओं के हितग्राहियों को मिला लाभ।

by Dakshi Sahu Rao
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दुर्ग में 8,882 श्रमिकों के खातों में पहुंचे 3.64 करोड़ रुपये, CM ने किया DBT ट्रांसफर

CG Prime News@दुर्ग. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दुर्ग में आयोजित सेवा सेतु कार्यक्रम के दौरान श्रमिकों के हित में बड़ी पहल की। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के जरिए प्रदेश के 8,882 पंजीकृत श्रमिक हितग्राहियों के बैंक खातों में 3 करोड़ 64 लाख 53 हजार रुपये की सहायता राशि सीधे अंतरित की। यह राशि छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल और भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की विभिन्न योजनाओं के तहत दी गई है।

असंगठित कर्मकार मंडल के 3,851 हितग्राहियों को मिला लाभ

असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के 3,851 हितग्राहियों के खातों में कुल 2 करोड़ 64 लाख 21 हजार 500 रुपये भेजे गए। इसमें मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के 136 हितग्राहियों को 1 करोड़ 36 लाख रुपये और महतारी जतन योजना के 497 हितग्राहियों को 99 लाख 40 हजार रुपये दिए गए। इसके अलावा छात्रवृत्ति योजना के तहत 3,217 बच्चों को 28 लाख 31 हजार 500 रुपये की सहायता मिली। ई-रिक्शा सहायता योजना के एक हितग्राही के खाते में 50 हजार रुपये अंतरित किए गए। इन योजनाओं का उद्देश्य श्रमिक परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देना और बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करना है।

निर्माण श्रमिकों के बच्चों को छात्रवृत्ति और शिक्षा सहायता

भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के 5,031 हितग्राहियों के लिए कुल 1 करोड़ 31 हजार 500 रुपये जारी किए गए। मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 4,583 छात्र-छात्राओं को 84 लाख 52 हजार रुपये मिले। वहीं, निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक-कॉपी सहायता योजना के तहत 426 बच्चों को 5 लाख 37 हजार रुपये दिए गए। नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तीन विद्यार्थियों को 16,500 रुपये की सहायता मिली। इन योजनाओं से श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।


वृद्ध श्रमिकों और जरूरतमंद परिवारों को भी सहायता

निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत दो हितग्राहियों को 6 लाख रुपये दिए गए। सियान सहायता योजना के 11 वृद्ध श्रमिकों को 2 लाख 20 हजार रुपये, दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के दो हितग्राहियों को 2 लाख रुपये और सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के चार श्रमिकों को 6 हजार रुपये की राशि मिली। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के मंच से मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तीन पात्र हितग्राहियों को 5 लाख रुपये तथा 1-1 लाख रुपये के प्रतीकात्मक चेक भी सौंपे।

DBT से पारदर्शी तरीके से पहुंच रही सहायता

सहायक श्रमायुक्त दुर्ग के अनुसार, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए राशि सीधे बैंक खातों में भेजने से प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ती है। इससे पंजीकृत श्रमिकों को योजनाओं का लाभ बिना अनावश्यक देरी के उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।

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