Friday, February 13, 2026
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PM मोदी ने 41 हजार करोड़ की कृषि योजनाओं का किया शुभारंभ, CM साय ने बताया प्रदेश के तीन जिले भी शामिल

by Dakshi Sahu Rao
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CG PRIME NEWS

CG Prime News@रायपुर. PM Narendra Modi launched agriculture schemes worth Rs 41000 crore for farmers प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में आयोजित मुख्य समारोह से देश के किसानों को 41 हजार करोड़ रूपए से अधिक की कृषि परियोजनाओं का उपहार दिया। उन्होंने इस मौके पर दो नई योजनाएं- प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का शुभारंभ किया। इनमें प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के लिए 30 हजार करोड़ रूपए और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के लिए 11 हजार करोड़ रूपए शामिल है।

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PM मोदी ने 41 हजार करोड़ की कृषि योजनाओं का किया शुभारंभ, CM साय ने बताया प्रदेश के तीन जिले भी शामिल

1100 ये अधिक परियोजनाओं को उद्धाटन किया

इसके अलावा पीएम मोदी ने कृषि और संरचना कोष, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की 1100 से अधिक परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित कृषक सभागार से हजारों किसानों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा ऑनलाईन जुड़कर इस अभियान के शुभारंभ के साक्षी बने। इस मौके पर केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, पशुपालन, मत्स्यपालन एवं डेयरी विकास मंत्री राजीव रंजन सिंह, केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, सांसद और विधायक भी वर्चुअली रूप से जुड़े थे।

पीएम ने कहा कृषि में आत्मनिर्भरता का नया इतिहास

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत रत्न जयप्रकाश नारायण और नानाजी देशमुख की जयंती के दिन आज देश कृषि आत्मनिर्भरता का नया इतिहास रच रहा है। आज से प्रारंभ हुई दोनों योजनाएं देश के अन्नदाताओं को सशक्त बनाने और कृषि आत्मनिर्भरता के नए युग की शुरुआत है। खेती को लाभकारी और आधुनिक बनाने की दिशा में यह पहल मील का पत्थर सिद्ध होंगी। उन्होंने बताया कि दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में भारत का कृषि निर्यात बढ़ा है, शहद उत्पादन, पशुपालन, मत्स्यपालन सहित सहायक कृषि गतिविधियों में बढ़ोत्तरी हुई है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि विकास के पैरामीटर में पिछड़ रहे जिलों के लिए केंद्रित आकांक्षी जिला योजना के माध्यम से सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से सुधार का काम हुआ है। ठीक उसी तरह प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत खेती किसानी में पिछड़े देश के 100 जिलों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 36 नई योजनाओं के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा किसानों की भागीदारी से खेती की तस्वीर बदलेगी और किसानों की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।

आने वाली पीढ़ी बनेगी सशक्त

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों और आने वाली पीढ़ी को सशक्त बनाने के उद्देश्य से दलहन आत्मनिर्भरता मिशन शुरू किया गया है। यह मिशन न केवल कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम है, बल्कि देश में पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी प्रयास है। शारीरिक और मानसिक विकास के लिए प्रोटीन अत्यंत आवश्यक है और इसके लिए हमें मिलकर दलहन उत्पादन की सशक्त व्यवस्था करनी होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत अपनी दलहन आवश्यकताओं को पूर्ण रूप से पूरा नहीं कर पा रहा है। दलहन आत्मनिर्भरता मिशन से दाल उत्पादन में वृद्धि होगी और लगभग दो करोड़ दाल उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

सीएम ने कहा किसान हित में योजनाएं

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (CM Vishnu dev sai) ने कहा कि बड़ी ख़ुशी की बात है कि किसान हित में दो नई योजनाओं में छत्तीसगढ़ के तीन जिलों जशपुर, कोरबा और दंतेवाड़ा को भी शामिल किया गया है। इसके लिए मैं छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने इन दो नई योजनाओं के लिए प्रदेश के किसानों को बधाई और शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन योजनाओं से खेती-किसानी की तस्वीर बदलेगी और आर्थिक सम्पन्नता भी आएगी। सीएम ने योजनाओं के शुभारंभ के अवसर पर कृषि विभाग द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया और कृषि अभियांत्रिकी सब मिशन योजना के तहत किसानों को टैऊक्टरों, कृषि उपकरणों की चाबी भी सौंपी और अनुदान राशि का चेक प्रदान किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने टै्रक्टर पर बैठकर किसानों का उत्साहवर्धन किया।

जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान का बोलबाला

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान का बोलबाला है। जीएसटी में बड़ा रिफॉर्म हुआ है। GST रिफॉर्म के बाद एक दिन मैं एक ट्रैक्टर शो रूम में गया, यहां आकर मुझे पता चला कि एक ट्रैक्टर के पीछे 40,000 से 60,000 तक की राशि बचत हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टॉल देखने के दौरान यहां मुझे एक किसान भाई मिले जिन्होंने हार्वेस्टर खरीदा, उन्हें एक लाख रुपए से भी अधिक की भी बचत का फ़ायदा मिला। यह देखकर बड़ी ख़ुशी होती है कि हमारे किसान भाइयों को इतना फायदा मिल रहा है।

सीएम साय ने बताया कि सरकार छत्तीसगढ़ में किसानों के विकास के लिए लगातार प्रयासरत है। किसानों से किया हर वादा हमने पूरा कर दिया है। 3100 रुपए प्रति क्विंटल में धान की खरीदी, दो साल का बकाया बोनस भुगतान किया। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने किसानों को प्राथमिकता में लेते हुए राज्य में 1500 से अधिक सिंचाई योजनाओं को दुरुस्त करने के लिए एकमुश्त 2800 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की।

कृषि हितैषी योजनाओं का मिल रहा लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में कृषि योजनाओं के मजबूतीकरण के लिए कई अहम कार्य हुए। किसान क्रेडिट कार्ड इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ज्यादातर सीमांत किसान हैं, उन्हें सरकार की कृषि हितैषी योजनाओं का बड़ा लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए सतत प्रयासरत है और यह योजना उसी दिशा में एक ठोस पहल है।

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