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मक्का फसल की आड़ में 8 करोड़ की अफीम खेती, एईओ निलंबित

दुर्ग के समोदा गांव में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत फर्जी मक्का प्रदर्शन प्लॉट का मामला उजागर, पुलिस ने 5.62 एकड़ अफीम फसल की जब्ती की

by cgprimenews.com
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दुर्ग के समोदा गांव में मक्का प्रदर्शन प्लॉट के पास मिली अवैध अफीम की खेती पर पुलिस कार्रवाई

दुर्ग: मक्का प्रदर्शन प्लॉट में सामने आई बड़ी अनियमितता

दुर्ग. जिले के ग्राम समोदा में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत बनाए गए मक्का फसल प्रदर्शन प्लॉट की आड़ में अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आने के बाद कृषि विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी क्षेत्र सिरसा एकता साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। विभागीय आदेश के अनुसार उनका मुख्यालय अनुविभागीय कृषि अधिकारी कार्यालय, दुर्ग निर्धारित किया गया है।

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6 मार्च को पुलिस ने की थी बड़ी कार्रवाई

जानकारी के अनुसार 6 मार्च 2026 को पुलिस ने ग्राम समोदा स्थित एक खेत में अवैध रूप से की जा रही अफीम की खेती पर छापा मारकर 5.62 एकड़ में लगी फसल जब्त की थी। अधिकारियों के मुताबिक इस अफीम फसल की बाजार कीमत करीब 8 करोड़ रुपये आंकी गई है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो ट्रैक्टर, दो बैकहोलोडर, दो बाइक, एक हार्वेस्टर सहित अन्य कृषि उपकरण भी जब्त किए थे। इस मामले में आरोपी नेता विनायक ताम्रकार, मास्टर माइंड विकास बिश्नोई, मुनीम मनीष ठाकुर उर्फ गोलू और छोटू राम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं इस मामले में फरार आरोपियों की पुलिस तलाश करने राजस्थान में डटी हुई है।

निरीक्षण में खुली मक्का प्रदर्शन प्लॉट की पोल

इसके बाद 7 मार्च 2026 को वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी द्वारा किए गए निरीक्षण में कई अनियमितताएं सामने आईं। जिस खेत को मक्का फसल प्रदर्शन प्लॉट बताया गया था, वहां मक्का का सही प्रदर्शन नहीं पाया गया। निरीक्षण के दौरान प्रदर्शन स्थल की स्पष्ट पहचान भी नहीं हो सकी और वहां योजना से संबंधित अनिवार्य सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया गया था।

पोर्टल में गलत फोटो अपलोड करने का मामला

जांच के दौरान यह भी पाया गया कि कृषि मैप पोर्टल में वास्तविक किसान के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति की फोटो अपलोड की गई थी। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कृषि विभाग ने 9 मार्च 2026 को एकता साहू को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। अपने जवाब में उन्होंने किसान द्वारा दिए गए दस्तावेजों के आधार पर प्रदर्शन स्थल का चयन करने और किसान के अस्वस्थ होने के कारण प्रतिनिधि की फोटो अपलोड किए जाने की बात कही। हालांकि विभाग ने उनके स्पष्टीकरण को असंतोषजनक मानते हुए इसे शासकीय कर्तव्यों में लापरवाही और अनुशासनहीनता माना।

निलंबन के साथ पुलिस जांच जारी

आदेश में कहा गया है कि संबंधित अधिकारी का आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का उल्लंघन है। इसके आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं अवैध अफीम की खेती के मामले में पुलिस द्वारा अलग से जांच जारी है।

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