Tuesday, June 23, 2026
Home » Blog » छत्तीसगढ़ में 1 नवंबर से लागू हुई नई औद्योगिक नीति, रिटायर्ड सैनिक, अग्निवीर सहित जरूरतमंदों को मिलेगी छूट, यहां बनेगा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर

छत्तीसगढ़ में 1 नवंबर से लागू हुई नई औद्योगिक नीति, रिटायर्ड सैनिक, अग्निवीर सहित जरूरतमंदों को मिलेगी छूट, यहां बनेगा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर

by Dakshi Sahu Rao
0 comments
cg prime news

@Dakshi sahu rao

CG Prime News@रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के दिन प्रदेश की तीन करोड़ जनता को सरकार ने सौगात दी है। प्रदेश में आज से नई औद्योगिक नीति लागू हो गई है। 28 अक्टूबर को साय सरकार की कैबिनेट ने इसे मंजूरी दी थी। यह नीति 31 मार्च 2030 तक के लिए लागू की गई है। नई नीति में तय किया गया है कि सर्विस सेक्टर के उद्योग स्थापना को बढ़ावा दिया जाएगा। रिटायर्ड सैनिक, अग्निवीर, कमजोर वर्ग, नक्सल पीडि़त परिवार के लोग तृतीय लिंग समुदाय के ऐसे लोग जो उद्योग शुरू करना चाहते हैं तो सरकार उन्हें जमीन-बिजली-पानी की सुविधाओं में छूट देगी।

यंग आंत्रेप्रेन्योर्स को मिलेगा लोन
इस नीति में यंग आंत्रेप्रेन्योर्स को लोन देने का नियम भी बनाया गया है। उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा- युवाओं को अपना स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ कर आत्मनिर्भर बनाने के लिये उद्यम क्रांति योजना का प्रावधान किया गया है। इस योजना के अंतर्गत राज्य के शिक्षित युवा बेरोजगारों को स्वयं का उद्यम स्थापित करने के लिये अनुदान युक्त ऋण प्रदान किए जाने का प्रावधान है।

इंडस्ट्रियल कॉरिडोर होगा तैयार
नई नीति में तय किया गया है कि राज्य के कोरबा-बिलासपुर-रायपुर में सेंट्रल इंडिया का उन्नत इंडस्ट्रियल कॉरिडोर तैयार किया जाएगा। इसके तहत इन तीनों शहरों में ट्रेन, एयर कनेक्टिविटी, सड़कों की सुविधा, पानी, बिजली और उद्योग लगाने के लिए जमीन मुहैया करवाने पर खास जोर सरकार देगी। उद्योग विभाग के अधिकारी जल्द ही इसपर काम शुरू करेंगे।

सरकार ने ब्याज अनुदान, लागत पूंजी अनुदान, स्टाम्प शुल्क छूट, विद्युत शुल्क छूट, वैल्यू एडेड टैक्स का प्रावधान किया। नई नीति में मंडी शुल्क छूट, दिव्यांग (नि:शक्त) रोजगार अनुदान, पर्यावरणीय प्रोजेक्ट अनुदान, परिवहन अनुदान, नेट राज्य वस्तु एवं सेवा कर में भी सुविधाएं देने के प्रावधान किए हैं।

नई औद्योगिक नीति में छत्तीसगढ़ सरकार ने भारत सरकार के विजन 2047 को ध्यान में रखकर प्रावधान किए हैं। राज्य के प्रशिक्षित लोगों को रोजगार से जोडऩे के लिए उद्योगों के लिए प्रति व्यक्ति 15 हजार रूपए का ट्रेनिंग फंड देने का नियम बनाया गया है। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने बताया कि नई औद्योगिक नीति में निवेश प्रोत्साहन को बढ़ाने पर फोकस है।

You may also like