CG Prime News@दुर्ग. छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में माल परिवहन के दौरान धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने फरार चल रहे ट्रांसपोर्टर को रायपुर से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि भिलाई स्थित मनोरमा इंडस्ट्रीज से पंजाब के भटिंडा भेजने के लिए बुक कराया गया 35.222 टन DOC साल बीज खली का माल निर्धारित गंतव्य तक नहीं पहुंचाया गया। मामले में पुलिस ने आरोपी अवनीश दुबे को 15 अक्टूबर को रायपुर के टाटीबंध इलाके से गिरफ्तार किया। उसे दुर्ग के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
ट्रांसपोर्ट के लिए तय हुआ था 1.39 लाख रुपये का सौदा
पुलिस के मुताबिक, मनोरमा इंडस्ट्रीज, करंजा भिलाई के मैनेजर मनोज कुमार सिंह ने 19 मार्च 2026 को जेवरा सिरसा चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 22 नवंबर 2025 को यूटीएस ट्रांसपोर्ट के माध्यम से ट्रक क्रमांक MP 16 H 5792 में 35.222 टन DOC साल बीज खली पंजाब के भटिंडा भेजने का सौदा तय किया गया था। माल के परिवहन के लिए कुल 1,39,471 रुपये में सहमति बनी थी। इसमें से ट्रांसपोर्टर अवनीश दुबे को 1,09,471 रुपये अग्रिम भुगतान किए गए थे। शिकायत में आरोप लगाया गया कि ट्रांसपोर्टर, ट्रक मालिक और चालक ने माल को तय स्थान तक नहीं पहुंचाया।
ट्रक और 35 टन से अधिक माल बरामद
शिकायत के आधार पर जेवरा सिरसा चौकी और पुलगांव थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 289/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(3) और 3(5) के तहत जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने ट्रक मालिक रोहित उर्फ राहुल दीक्षित से घटना में इस्तेमाल किया गया ट्रक और उससे संबंधित DOC साल बीज खली बरामद कर जब्त की। इसके बाद मामले में फरार चल रहे ट्रांसपोर्टर की तलाश की जा रही थी।

ट्रक चालक की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस ने अवनीश दुबे को 15 अक्टूबर को रायपुर के टाटीबंध से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उसे दुर्ग CJM न्यायालय में न्यायिक रिमांड के लिए पेश किया गया। मामले में नामजद ट्रक चालक जयप्रकाश अभी फरार बताया गया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
व्यापारियों से दस्तावेज सत्यापित करने की अपील
दुर्ग पुलिस ने व्यापारियों से माल परिवहन के दौरान ट्रांसपोर्टर, वाहन और माल की सुपुर्दगी से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन करने की अपील की है। पुलिस ने भुगतान और माल हस्तांतरण का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने तथा धोखाधड़ी की आशंका होने पर तत्काल शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी है।

