Thursday, February 12, 2026
Home » Blog » भारत माला प्रोजेक्ट में गड़बड़ी: ACB-EOW का छापा, रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर में 20 अधिकारियों के घर दबिश

भारत माला प्रोजेक्ट में गड़बड़ी: ACB-EOW का छापा, रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर में 20 अधिकारियों के घर दबिश

by Dakshi Sahu Rao
0 comments
CG PRIME NEWS

CG Prime News@रायपुर. रायपुर-विशाखापट्टनम भारत माला प्रोजेक्ट में गड़बड़ी के बाद एसीबी-ईओडब्ल्यू एक बार फिर हरकत में आ गई है। ACB-EOW की टीम ने शुक्रवार को एक साथ रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई में 20 से ज्यादा अधिकारियों के घर पर छापा मारा है। एसडीएम, तहसीलदार सहित 20 से ज्यादा अफसरों घर टीम दस्तावेजों की तलाश में जुटी है।रायपुर में तात्कालिक SDM निर्भय साहू और तहसीलदार शशिकांत कुर्रे के घर पर दस्तावेजों की जांच चल रही है। निर्भय कुमार साहू सहित पांच अधिकारी-कर्मचारियों पर 43 करोड़ 18 लाख रुपए से अधिक राशि की गड़बड़ी का आरोप है।

यहां चल रही कार्रवाई

बिलासपुर में अतिरिक्त तहसीलदार लखेश्वर राम के घर 6 से अधिक अफसर जांच कर रहे हैं। इस दौरान परिजन जांच का विरोध करते रहे। बता दें कि आज सुबह नया रायपुर, अभनपुर, दुर्ग-भिलाई सहित प्रदेश के अन्य जिलों में टीम ने दबिश दी है। रायपुर के ही सेज बहार कॉलोनी स्थित राजस्व विभाग के अधिकारी के घर भी सुबह 6 बजे से जांच जारी है। अधिकारियों को ज्वेलरी, कैश और जमीनों के दस्तावेज मिले हैं। बहरहाल जांच चल रही है। इसके बाद ही टीम पूरी जानकारी देगी।

यह है पूरा मामला

भारत माला प्रोजेक्ट में जमीन अधिग्रहण मामले में 43 करोड़ का घोटाला हुआ है। जमीन को टुकड़ों में बांटकर NHAI को 78 करोड़ का भुगतान दिखाया गया। एसडीएम पटवारी और भू-माफिया के सिंडिकेट ने बैक डेट पर दस्तावेज बनाकर घोटाले को अंजाम दिया। कुछ दिनों पहले रायपुर-विशाखापट्टनम तक बन रही (वाइजैग) इकोनॉमिक कॉरिडोर में घोटाले केस में भ्रष्टाचार उजागर होने के बाद कोरबा डिप्टी कलेक्टर शशिकांत कुर्रे को सस्पेंड किया गया था। इसके पहले जगदलपुर निगम कमिश्नर निर्भय साहू को सस्पेंड किया गया था। शशिकांत और निर्भय पर जांच रिपोर्ट तैयार होने के 6 महीने बाद कार्रवाई हुई थी।

महंत की थी पीएमओ से शिकायत

इससे पहले भारतमाला प्रोजेक्ट में सामने आए कथित मुआवजा घोटाले को लेकर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को चि_ी भेजकर शिकायत की थी। PMO ने महंत की शिकायत पर संज्ञान लिया। खुद डॉ. महंत ने इसकी पुष्टि की थी। उन्होंने कहा कि मुझे प्रधानमंत्री कार्यालय से पत्र प्राप्त हुआ है। उम्मीद है कि केंद्र सरकार जल्द ही इस मामले की CBI जांच के लिए निर्णय लेगी।

जमीन को टुकड़ों में बांटा, 80 नए नाम चढ़ाए

राजस्व विभाग के मुताबिक मुआवजा करीब 29.5 करोड़ का होता है। अभनपुर के ग्राम नायकबांधा और उरला में भू-माफियाओं ने राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर जमीन को छोटे टुकड़ों में काटकर 159 खसरे में बांट दिया। मुआवजा के लिए 80 नए नाम रिकॉर्ड में चढ़ा दिया गया। जिससे 559 मीटर जमीन की कीमत करीब 29.5 करोड़ से बढ़कर 78 करोड़ रुपए पहुंच गई।

अभनपुर बेल्ट में 9.38 किलोमीटर के लिए 324 करोड़ मुआवजा राशि निर्धारित की गई। जिसमें से 246 करोड़ रुपए मुआवजा दिया जा चुका है। वहीं 78 करोड़ रुपए का भुगतान अभी रोक दिया गया है।

NHAI की टीम ने भी जताई थी आपत्ति

रायपुर विशाखापट्नम इकोनॉमिक कॉरिडोर में हुई आर्थिक गड़बडी पर NHAI के अधिकारियों ने भी आपत्ति जताई थी। एनएचएआई की आपत्ति के बाद जांच रिपोर्ट को सचिव राजस्व विभाग को भेजा गया था और मुआवजा वितरण रोका गया था।

You may also like