CG Prime News@दुर्ग. छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में दशहरा और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस ने व्यापक सुरक्षा योजना तैयार की है। 20 और 21 अक्टूबर को होने वाले आयोजनों के दौरान जिले के 174 दशहरा स्थलों और 532 विसर्जन स्थलों सहित कुल 706 स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था निर्धारित की गई है। दुर्ग पुलिस के अनुसार, आयोजन स्थलों पर भीड़ नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षित आवाजाही पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सुरक्षा ड्यूटी में पुलिस के साथ प्रशासन भी रहेगा तैनात
जिला स्तर पर 9, थाना स्तर पर 379, रक्षित केंद्र दुर्ग से 275 और यातायात शाखा में 103 अधिकारी-कर्मचारियों का बल
सुरक्षा में तैनात रहेगा। आयोजन स्थलों, प्रमुख मार्गों और विसर्जन केंद्रों पर निर्धारित ड्यूटी के अनुसार पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। संबंधित थाना और चौकी प्रभारी अपने क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे।
दुर्ग-धमधा और भिलाई-पाटन में दो सेक्टर
जिले की सुरक्षा व्यवस्था को दो सेक्टर में बांटा गया है। सेक्टर-A में दुर्ग और धमधा अनुविभाग शामिल हैं। इसकी जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मणिशंकर चन्द्रा को सौंपी गई है। दुर्ग, पद्मनाभपुर, मोहन नगर और पुलगांव समेत संबंधित थाना क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात रहेगा।

सेक्टर-B में भिलाई और पाटन अनुविभाग को शामिल किया गया है। इसके प्रभारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) अग्रवाल हैं। भिलाई नगर, सुपेला, नेवई, वैशाली नगर, छावनी, जामुल, खुर्सीपार, कुम्हारी और पाटन सहित संबंधित क्षेत्रों में पुलिसकर्मी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे।
रावण दहन और विसर्जन स्थलों पर विशेष निगरानी
जिले में 174 स्थानों पर दशहरा और रावण दहन के कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इन स्थलों पर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। वहीं, 532 विसर्जन स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही, भीड़ प्रबंधन और संबंधित मार्गों की निगरानी की जाएगी। पुलिस की टीमें निर्धारित स्थानों पर तैनात रहकर किसी भी विवाद या अव्यवस्था की स्थिति में आवश्यक कार्रवाई करेंगी।

तीन जोन में यातायात व्यवस्था, महिला सुरक्षा पर भी जोर
त्योहारों के दौरान यातायात का दबाव कम करने के लिए यातायात व्यवस्था को तीन जोन में बांटा गया है। यातायात पुलिस प्रमुख मार्गों और आयोजन स्थलों के आसपास वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करेगी। महिला रक्षा टीम भी तैनात रहेगी, ताकि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष इंतजाम
सुरक्षा योजना में कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, SDRF, NDRF और अग्निशमन दल की व्यवस्था भी शामिल है। किसी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय रखा जाएगा।
