छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र, पूर्व CM बोले प्रदेश में ऐसी कोई नदी नहीं जहां अवैध खनन न हो, पुलिस दे रही संरक्षण

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CG Prime News@रायपुर. Chhattisgarh Vidhansabha Monsoon Session 2025 छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार का दिन हंगामेदार रहा। मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने कथित अवैध रेत खनन का मुद्दा उठाया। इस पर चर्चा की मांग की। अध्यक्ष ने चर्चा की उनकी मांग को अस्वीकार कर दिया। जिसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया। शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए, विपक्ष के नेता चरण दास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस के अन्य सदस्यों ने दावा किया कि पुलिस और खनन अधिकारियों के संरक्षण में कई स्थानों पर अवैध रेत खनन हो रहा है। उन्होंने स्थगन प्रस्ताव पेश करके इस पर चर्चा की मांग की। उन्होंने दावा किया कि राज्य में ऐसी कोई नदी नहीं है, जहां कई स्थानों पर रेत का अवैध उत्खनन न हो रहा हो।

कांग्रेस ने सरकार पर लगाया गंभीर आरोप

मानसून सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि पिछले 18 महीनों में स्थिति इतनी खराब हो गई है कि राज्य के बाहर से आए रेत माफिया गैंगवार, गोलीबारी, चाकूबाजी और वाहनों से कुचलने जैसी वारदात को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि बलरामपुर जिले में राज्य के बाहर से आए रेत माफियाओं ने एक पुलिस आरक्षक को कुचलकर मार डाला। एक अन्य घटना में, अवैध रेत खनन में शामिल लोगों ने वन विकास निगम के कई अधिकारियों की बुरी तरह पिटाई की, जबकि राजनांदगांव में एक घटना में अवैध रेत माफियाओं ने ग्रामीणों पर गोलियां चलाईं।

सदन से बाहर निकल गए कांग्रेस विधायक

कांग्रेस विधायकों ने अपने स्थगन प्रस्ताव नोटिस पर चर्चा की मांग की। कांग्रेस सदस्यों की मांग पर विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने कहा कि कांग्रेस के कुछ सदस्य पहले ही इस मुद्दे पर चर्चा के लिए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का नोटिस दे चुके हैं। बाद में सिंह ने स्थगन प्रस्ताव नोटिस को अस्वीकार कर दिया। इसके बाद कांग्रेस सदस्यों ने सरकार पर अवैध रेत खनन को संरक्षण देने का आरोप लगाया और सदन से बहिर्गमन किया।

पूर्व सीएम बघेल ने सरकार को घेरा

पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने जल जीवन मिशन में 2022-23 से 2024-25 में हुए व्यय और लोगों को मिल रही सुविधा की जानकारी मांगी। बघेल ने कहा, 49 लाख लक्ष्य के विरुद्ध से 31.16 लाख घरों तक ही सुविधा मिली। कई जिलों में लक्ष्य से बहुत पीछे हैं, इसका कारण क्या है? इधर जल जीवन मिशन योजना फेल होने को लेकर विपक्ष ने हंगामा किया।

सरकार के मंत्री ने दिया जवाब

डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा, आपने दो साल विलंब से योजना प्रारंभ की। प्रारंभ में 36 लाख नल कनेक्शन दिखाया गया और जब हम कनेक्शन का सर्वे कराया तो सिर्फ 21 लाख घरों में पानी आ रहा था। जिलों की स्थिति पर बोले सभी जिलों में समान काम हो समान भुगतान हो संभव नहीं है। योजना 2024 में पूरी होनी थी, लेकिन आप योजना पूरी नहीं कर पाए।

इस पर बघेल ने कहा, 36 लाख नल कनेक्शन में 21 लाख में पानी पहुंच रहा है और दो साल में आपके समय में सिर्फ 10 लाख आपने कनेक्शन दिया है, सच में पानी पहुंच रहा है या नहीं यह भी आंकड़ेबाजी है। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने पूछा, 74 प्रतिशत कांग्रेस सरकार ने जबकि 7 प्रतिशत काम आपने किया तो क्यों आप वाहवाही ले रहे हैं। भूपेश बघेल ने पूछा सात महीने में कितने नल कनेक्शन आपने दिए? मंत्री ने कहा, 10 लाख परिवारों को नल से कनेक्शन दिया गया है।