CG Prime News@दिल्ली.Tarique Rahman becomes the new Prime Minister of Bangladesh भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में तारिक रहमान ने मंगलवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान को राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने संसद भवन में प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई। इसके साथ ही 18 महीने से चल रही अंतरिम सरकार का कार्यकाल खत्म हो गया।

तारिक रहमान बने बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री, एक हिंदू मंत्री ने भी लिया शपथ
एक हिंदू मंत्री ने भी लिया शपथ
PM तारिक रहमान के अलावा 25 कैबिनेट मंत्रियों और 24 राज्य मंत्रियों को भी पद की शपथ दिलाई है। इनमें एक हिंदू मंत्री भी शामिल है। 25 कैबिनेट मंत्रियों में से 17 नए चेहरे हैं। राज्य मंत्रियों में से 24 नए हैं। रहमान भी पहली बार मंत्रिमंडल के सदस्य बन रहे हैं।
दो महीने पहले बांग्लादेश लौटे और जीता चुनाव
तारिक रहमान पहली बार प्रधानमंत्री बने हैं। इससे पहले आज दोपहर में BNP के सांसदों ने उन्हें संसदीय दल का नेता चुना था। वह पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया और दिवंगत राष्ट्रपति जियाउर रहमान के बेटे हैं। 17 साल तक लंदन में रहने के बाद वह दो महीने पहले ही बांग्लादेश लौटे थे। अगले पांच साल तक तारिक प्रधानमंत्री पद संभालेंगे।
नेशनल पार्लियामेंट में नवनिर्वाचित सांसदों ने शपथ ली
बांग्लादेश की 13वीं नेशनल पार्लियामेंट के नवनिर्वाचित सदस्यों ने मंगलवार को नेशनल पार्लियामेंट के साउथ प्लाजा में शपथ ली। सुबह करीब 10:42 बजे (स्थानीय समयानुसार) मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन ने सांसदों को शपथ दिलाई।
बांग्लादेशी मीडिया प्रथोम ओलो के मुताबिक, यह शपथ ग्रहण समारोह कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित हुआ, जिसमें 1,000 से ज्यादा स्थानीय और विदेशी मेहमान शामिल हुए। शपथ ग्रहण समारोह से पहले कुरान पढ़ी गई।
BNP बोली- संविधान में ऐसी किसी परिषद का प्रावधान नहीं
BNP के स्टैंडिंग कमिटी सदस्य और सांसद सलाहुद्दीन अहमद ने बताया कि पार्टी के कोई भी सांसद इस परिषद के सदस्य के रूप में शपथ नहीं लेंगे। वर्तमान संविधान में ऐसी किसी परिषद का कोई प्रावधान नहीं है और न ही कोई अलग शपथ का फॉर्मेट मौजूद है। उनका कहना है कि संसद सदस्य केवल संसद के लिए चुने गए हैं, संवैधानिक सुधार परिषद के लिए नहीं। इस परिषद को वैध बनाने के लिए पहले संविधान में संशोधन करके इसे शामिल करना होगा, फिर संसद में इसे अपनाना होगा और उसके बाद ही शपथ का कोई कानूनी आधार बनेगा। यह परिषद जुलाई चार्टर के तहत संवैधानिक सुधारों को लागू करने के लिए बनाई गई है।
