बस्तर संभाग में मूसलाधार बारिश से बाढ़, CM ने कहा-हर परिवार को मिलेगी मदद, कलेक्टरों से ली जानकारी

CG PRIME NEWS

CG Prime News@रायपुर.Flood due to torrential rain in Bastar division छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में पिछले तीन दिनों से मूसलाधार बारिश के बाद आई बाढ़ से दंतेवाड़ा जिले में 100 से ज्यादा गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है। वहीं 200 से ज्यादा मकान ढह गए। बाढ़ को देखते हुए वायुसेना भी रेस्क्यू में जुटी है।

CG PRIME NEWS
बस्तर संभाग में मूसलाधार बारिश से बाढ़, CM ने कहा-हर परिवार को मिलेगी मदद, कलेक्टरों से ली जानकारी

सीएम ने दिए निर्देश

इसी बीच गुरुवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के प्रत्येक बाढ़ प्रभावित परिवार तक हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों की पीड़ा को शीघ्र कम करना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। लोगों को यह महसूस होना चाहिए कि संकट की इस घड़ी में प्रशासन उनके साथ मजबूती से खड़ा है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित जिलों—बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के कलेक्टरों व वरिष्ठ अधिकारियों से राहत एवं पुनर्वास कार्यों की विस्तृत समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए।

राहत राशि उपलब्ध कराने कहा

मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ से हुई जनहानि और पशुहानि प्रभावित परिवारों को राहत राशि बिना विलंब के उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त आवासों के सुधार हेतु तिरपाल, बाँस-बल्ली और राहत राशि का वितरण प्राथमिकता से किया जाए।

मुख्यमंत्री साय ने चारों जिलों के कलेक्टरों से सीधे संवाद कर उनके-अपने जिलों में चल रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली। कलेक्टरों ने बताया कि अब अधिकांश बाढग़्रस्त क्षेत्रों में पानी उतरने लगा है और स्थिति नियंत्रण में है। समीक्षा बैठक में बताया गया कि वर्तमान में प्रशासन का पूरा ध्यान राहत और पुनर्वास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने पर केंद्रित है।

पांच लोगों की मौत

दंतेवाड़ा में इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ गया। इससे शंखनी-डंकनी नदी का पानी गांवों में भारी तबाही मचा रहा है। करीब 53 साल पहले सन 1972 में डंकनी नदी का ऐसा रौद्ररूप देखने को मिला था। मिली जानकारी के अनुसार 2196 लोग राहत शिविर में शिफ्ट किए गए। अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है। पनेड़ा के पास नेशनल हाईवे के पास पुल का अप्रोच बह जाने से करीब 20 घंटों तक यहां आवाजाही बंद रही।

पुल के दोनों तरफ ट्रक और बसों की लंबी लाइन लग गई। दंतेवाड़ा नगर समेत आस-पास के गांवों में कुल करीब 50 करोड़ से ज्यादा का नुकसान होने का अनुमान है।