CG Prime News@भिलाई. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के गाईड लाईन के अनुसार स्कूली छात्र छात्राओं के सुरक्षित परिवहन को ध्यान में रखते हुए दुर्ग पुलिस और परिवहन विभाग ने शनिवार को स्कूली बसों की जांच की। पुलिस ग्राउण्ड सेक्टर 6 भिलाई में स्कूल बस जांच शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें प्रथम चरण जिले के 16 स्कूलों के छात्र छात्राओं के परिवहन करने वाले 167 बसों का जांच किया गया है। जांच के दौरान परिवहन विभाग द्वारा बिना वाईपर 2, फिटनेश 1, लाइसेंस 4, हेड लाईट 1 कुल 8 स्कूली बसों पर चालान करते हुए 9000 रूपए समन शुल्क वसूल किया गया। school buses inspected in bhilai
दस्तावेजों की जांच की
वाहन की जांच शिविर का उददेश्य छात्र छात्राओं का सुरक्षित परिवहन से है। जांच शिविर के दौरान सर्व प्रथम वाहनों का रजिस्ट्रेशन किया गया। जिसके बाद परिवहन विभाग द्वारा स्कूल बसों के दस्तावेजो की जांच की गई। जांच के दौरान वाहन का रजिस्टेशन, परमिट, फिटनेश, बीमा, पीयूसी, रोड टैक्स, वाहन चालक का लाइसेंस चेक किया गया। इसके बाद वाहनों का मैकनिकल फिटनेश जांच किया गया। जिसके अंतर्गत हेड लाईट, ब्रेक लाईट, पार्किंग लाईट, इन्डिकेटर लाईट, बैक लाईट, मीटर, स्टेरिंग की स्थिति, टायर की स्थिति, क्लच, ऐक्सीलेटर, सीट की स्थिति, हॉर्न की स्थिति, वॉयपर और वाहन में आगे पीछे रिफ्लेक्टर लगा है कि नहीं चेक किया गया।
बस चालकों के आंखों की जांच की गई
चेंकिग के क्रम में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप जैसे वाहन में जीपीएस, सीसीटीवी कैमरा, स्पीड गर्वनर, प्रेर्शर हार्न, आपातकालीन खिडकी, स्कूल का नाम, टेलीफोन नंबर, चालक का मोबाईल नंबर, फस्र्ट ऐड बॉक्स, अग्नि शमन यंत्र, स्कूल बस के आगे पीछे स्कूल बस लिखा है की नहीं चेक किया गया। चालक परिचालक के स्वास्थ्य संबंधी जांच की गई। जिसमें आंखों की जांच किया गया। जिसमें 91 चालकों को आंखो संबंधित शिकायत पाई गई। जिन्हे चश्मा लगाने और लगे हुए चश्मे में नंबर बढ़ाने हेतु समझाईस दी गई। बाकी बची गाडिय़ों का रविवार को शिविर में जांच किया जाएगा।

