CG Prime News@भिलाई. छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने एक साल से फरार भिलाई निवासी आरोपी विजय भाटिया को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। इधर EOW की टीम नेहरु नगर उसके निवास और मैनेजर के घर पर छापेमारी की। सुबह 6.30 बजे से शाम करीब 5 बजे तक सर्च ऑपरेशन चला। जहां कई बड़े साक्ष्य हाथ लगे है।
जानकारी के अनुसार EOW ने अप्रैल 2024 में आरोपी विजय भाटिया के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 और 12, तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी के तहत प्रकरण दर्ज किया था। EOW की टीम ने तीन बार उसके घर पर छापेमारी की, लेकिन विजय भाटिया फरार था।
EOW की टीम लगातार उसकी पतासाजी कर रही थी। अंतत: दिल्ली में EOW की टीम के हाथ लग गया। टीम ने उसे हिरासत में लेकर विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत रायपुर लाया। इसके बाद रायपुर कोर्ट में पेश किया। सूत्रों के अनुसार विजय भाटिया घोटाले में एक अहम कड़ी के रूप में सामने आया है और उससे पूछताछ में कई बड़े खुलासे होने की संभावना है।
विजय भाटिया के मैनेजर के घर से मिले डिजिटल साक्ष्य
रविवार सुबह करीब 6.30 बजे EOW की टीम दो गाडियों से नेहरु नगर स्थित विजय भाटिया के घर पहुंची। दूसरी टीम उसके मैनेजर संतोष रामटेके के घर में छापेमारी की। दोनों जगह करीब 10 घंटे तक सर्चिंग की। संतोष के घर से ईओडब्ल्यू की टीम को डिजिटल साक्ष्य और कुछ अहम दस्तावेज मिले है। जिसकी जब्त कर टीम ले गई।
8 ठिकानों पर छापेमारी
इस कार्रवाई के साथ ही EOW की टीम ने विजय भाटिया के निवास के अलावा उससे संबंधित कंपनियों और सहयोगियों के 8 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। इन तलाशी अभियानों में जांच एजेंसी को महत्वपूर्ण दस्तावेज, निवेश संबंधी कागजात और कई डिजिटल डिवाइस (इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स) मिले हैं जिन्हें जप्त कर लिया गया है।
फॉरेंसिक जांच होगी
सूत्रों ने बताया कि EOW अब इन दस्तावेजों और उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराएगी। ताकि यह पता चल सके कि धन का लेन-देन किन माध्यमों से और किसके संरक्षण में किया गया। शराब घोटाले में अब तक कई अधिकारियों और व्यापारियों के नाम सामने आ चुके हैं। विजय की गिरफ्तारी मामले को और भी गहराई से उजागर करने में मदद कर सकती है।
EOW के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से जारी है और जल्द ही और भी गिरफ्तारियां संभव हैं। इस घोटाले में कई बड़े नामों की भूमिका की जांच की जा रही है।

