CG Prime News@भिलाई. छत्तीसगढ़ के भिलाई में बिहार दिवस शनिवार को बिहार दिवस मनाया गया। इस मौके पर स्नेह मिलन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (cm vishnu dev sai), भाजपा के प्रदेश प्रभारी बिहार के मंत्री नितिन नबीन शामिल हुए। वहीं बिहार दिवस आयोजन का विरोध करने आए छत्तीसगढिय़ा क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं को विरोध से पहले ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जिससे कारण वो विरोध नहीं कर पाए।

पुतला जलाकर किया था विरोध
शुक्रवार को भिलाई के सुपेला चौक में छत्तीसगढ़ क्रांति सेना ने बिहार के तिहार कार्यक्रम का विरोध किया। उन्होंने बीजेपी सरकार का पुतला दहन करके उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इस आयोजन को राजनीति से प्रेरित कार्यक्रम बताया। छत्तीसगढिय़ा क्रांति सेना के जिला अध्यक्ष रोशन बघेल ने शासन प्रशासन से मांग की है कि इस तरह के कार्यक्रम से सामाजिक सौहाद्र्र और सांस्कृतिक संतुलन प्रभावित हो सकता है। इसलिए ऐसे आयोजन नहीं होने चाहिए।
छत्तीसगढ़ी संस्कृति दिखाई नहीं दे रही
छत्तीसगढिय़ा युवा क्रांति सेना के जिला उपाध्यक्ष चेतन चंदेल ने कहा कि इस तरह के आयोजन क्षेत्रीय एकता और सांस्कृतिक पहचान पर प्रतिकूल असर डाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को बिहार, यूपी, पंजाब और साउथ सहित सभी राज्य के संस्कृति दिखाई दे रही है, लेकिन छत्तीसगढ़ी बोली भाषा और संस्कृति नहीं दिखाई दे रही है।
सीएम ने कहा बिहार-छत्तीसगढ़ की संस्कृति मिलती-जुलती
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम विष्णु देव साय ने कहा है कि बिहार और छत्तीसगढ़ की संस्कृति बहुत कुछ मिलती जुलती है। 2000 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने झारखण्ड, छत्तीसगढ़ और उत्तराखण्ड राज्य को बनाया। मेरा व्यक्तिगत रिश्ता झारखण्ड से रहा है। मेरी माता भी अविभाजित बिहार की थी। संस्कृति के साथ छत्तीसगढ़ और बिहार के लोगों के बीच रोटी-बेटी का रिश्ता भी कायम है। मुख्यमंत्री साय ने बिहार स्थापना दिवस के अवसर पर सभी बिहारी भाइयों को जो छत्तीसगढ़ को कर्मभूमि बनाकर सेवा कर रहे है, ऐसे समाज के सभी बंधुओं का स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी।
छठ पूजा बन गया छत्तीसगढ़ का त्योहार
मुख्यमंत्री ने कहा कि छठी मैया की पूजा का पर्व बिहार, झारखण्ड और उत्तरप्रदेश के साथ छत्तीसगढ़ का भी प्रमुख त्योहार हो गया है। पूरे छत्तीसगढ़ में हर जगह छठ का त्योहार मनाया जाता है। छत्तीसगढ़ में जितने भी तालाब, नदी व नाले है, सभी में अच्छे-अच्छे छठ घाटों का निर्माण हुआ है। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने स्वयं भी कुनकुरी में एक करोड़ की लागत से छठ घाट का निर्माण करवाया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बीते सवा साल में ही सरकार ने अधिकांश वादों को पूरा किया है। चाहे वह प्रधानमंत्री आवास योजना की बात हो, किसानों को धान की कीमत देने की बात हो या 2 साल का बकाया बोनस देने की बात हो। 70 लाख से ज्यादा विवाहित हमारी माताओं-बहनों को हर महीना महतारी वंदन योजना के ज़रिए 1000 रुपए दिया जा रहा है। 5 लाख से ज्यादा भूमिहीन कृषकों को 10 हजार रूपए देने का काम कर रहे हैं। रामलला दर्शन योजना अंतर्गत अब तक 20 लाख से ज्यादा श्रद्धालु अयोध्या जाकर भगवान राम का दर्शन करके आ चुके हैं।
बिहार के लोगों का ऐतिहासिक योगदान
बिहार प्रदेश के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने कार्यक्रम में कहा कि बिहार दिवस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बिहार के लोगों को उनके ऐतिहासिक योगदान और सांस्कृतिक धरोहर के प्रति जागरूक करना है। बिहार ने पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़कों और बुनियादी ढ़ाचे में महत्वपूर्ण सुधार किये है। इन सुधारों से बिहार को एक नई दिशा मिल रही है और इसे समृद्ध बनाने में राज्य सरकार का यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा।
इस कार्यक्रम विधायक रिकेश सेन, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय, पूर्व विधायक दयाराम साहू, जिला पंचायत की अध्यक्ष सरस्वती बंजारे, नगर निगम दुर्ग की महापौर अल्का बाघमार, दुर्ग जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेन्द्र कौशिक, नगर निगम भिलाई उप नेता प्रतिपक्ष दया सिंह सहित बड़ी संख्या में अन्य लोग शामिल हुए।

