Monday, April 6, 2026
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दुर्ग में महिला वकील से 41 लाख रुपए की साइबर ठगी, IPS ऑफिसर बनकर गिरफ्तारी का दिखाया डर, फिर…

by Dakshi Sahu Rao
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CG Prime News@दुर्ग. दुर्ग जिला न्यायालय में प्रैक्टिस करने वाली अधिवक्ता फरीहा आमीन कुरैशी साइबर ठगी (Cyber fraud) की शिकार हो गई। ठगों ने आईपीएस (IPS) अधिकारी बनकर उसे धमकाया कि दिल्ली में एक आरोपी पकड़ा गया है। उसके पास आपके नाम का खाता मिला है, जिसमें 8.7 करोड़ का लेनदेन हुआ है। इसके बाद जालसाजों ने महिला वकील को धमकाकर उससे 41 लाख रुपए ठग लिए।

दुर्ग कोतवाली टीआई विजय यादव ने बताया कि अधिवक्ता फरीहा आमीन ने शिकायत की है। 24 जनवरी को उनके मोबाइल पर वीडियो कॉल आया। अज्ञात व्यक्ति ने सीबीआई का अधिकारी बताया और बोला कि दिल्ली में 180 फर्जी बैंक एकाउंट पकड़ाए है, जिसमें 8 करोड़ रुपए आई है। उसमें एक बैंक एकाउंट फरीहा आमीन के नाम से है। उस एकाउंट में गैर कानूनी ट्रांजेक्शन हुए है। इस मामले में गिरफ्तारी की जाएगी।

पुलिस कर रही जांच
आमीन उससे डर कर अपने अलग-अलग बैंक खाते से 41 लाख रुपए ट्रांजेक्शन कर दिया। जब आरोपियों ने अपना फोन बंद कर दिया। तब उन्हें एहसास हुआ कि वे ठगी की शिकार हो गई। तब मामले की शिकायत की। मामले में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है।

पहले ली पूरी जानकारी फिर कहा डिटेल मैच है
जालसाज ने महिला वकील से फोन पर उसके आधार कार्ड का नंबर, फोन नंबर, बर्थ डेट सहित अन्य व्यक्तिगत जानकारी मांगी। उसके बाद कहा, यही पूरी जानकारी जब्त किए गए खाते से उन्हें मिली है। इसके बाद उन्होंने महिला वकील को दिल्ली बयान देने के लिए बुलाया। इससे महिला वकील घबरा गई।

गिरफ्तारी की धमकी देकर डराया
कॉलर से जब महिला वकील ने दिल्ली आने में इनकार कर दिया तो उसने उसे गिरफ्तार करने की धमकी दी। जब महिला वकील ने रिक्वेस्ट किया तो कॉलर ने उसकी एक पुलिस अधिकारी से बात कराई। जिसका नाम आईपीएस सुनील कुमार गौतम था। गौतम ने फोन पर महिला का पूरा बयान लिया और उसके नाम पर जमा चल-अचल संपत्ति का विवरण मांगा।

अशोक स्तंभ वाले दस्तावेज देख महिला को हो गया था यकी
महिला ने बताया कि उसकी बात जिस सुनील कुमार गौतम से हुई उसने खुद को आईपीएस और दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया था। उसने जो दस्तावेज भेजे और दिखाए उस पर भारत सरकार का चार शेर वाला यानि अशोक स्तंभ का निशान था। नीली स्याही में सील लगी थी। इससे उसे विश्वास हो गया था कि वो लोग दिल्ली पुलिस और सीबीआई से ही हैं। महिला ने मामले की शिकायत दुर्ग कोतवाली थाने में की और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

 

 

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