भिलाई@CG Prime News. दुर्ग टप्पा तालाब में हुई ऑनर किलिंग के मामले में तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हत्यारों ने नाबालिग लड़की के साथ मृतक को देख लिया था। जिससे बौखलाए आरोपियों ने रात में ही हत्या की साजिश रची और शौच के बहाने उसे तालाब के पास बुलाया। तीनों ने मिलकर चांदी की चेन से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद तीनों अपने अपने घर भाग गए। दूसरे दिन पुलिस पहुंची और जांच शुरू की। इस बीच पुलिस को एक क्लू मिला। तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज किया। न्यायिक रिमांड पर सलाखों के पीछे भेज दिया।

बुधवार को शहर एएसपी संजय ध्रुव और दुर्ग सीएसपी जितेन्द्र यादव ने मामले का खुलासा किया। एएसपी ने बताया कि 19 अप्रैल को शिवपारा निवासी मृतक प्रकाश ठाकुर उर्फ समोसा पिता परदेशी ठाकुर (20 वर्ष) की लाश टप्पा तालाब में मिली। सूचना पर दुर्ग सीएसपी के मागर्दशन में कोतवाली टीआई भूषण एक्का ने टीम के साथ मौका मुआयना किया। मृतक के गले में चांदी की चेन दबी हुई थी। मामला संदिग्ध लगा। हत्या के आधार पर मामले की जांच शुरू की। पता चला कि जिस घर में शादी समारोह था। उसी आयोजन में मृतक और आरोपी के साथ विवाद हुआ था। पुलिस ने हत्या की कड़ियों को जोड़ना शुरु किया तो एक अहम क्लू हाथ लगा। आधी रात को एक व्यक्ति ने तीन लोगों को जाते हुए देख लिया था। उसी क्लू के आधार पर आरोपी बलदाउ सारथी उर्फ हर्ष (19 वर्ष), लल्लन सारथी पिता विक्रम सारथी (19 वर्ष) और मीर सारथी पिता रमेश सारथी (20 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने हत्या करना स्वीकार किया।
इस लिए रची हत्या की साजिश
दुर्ग सीएसपी जितेन्द्र यादव ने बताया कि टीआई के नेतृत्व में 4 टीम गठित की। मृतक प्रकाश ठाकुर उर्फ समोसा के बारे में पूरी जानकारी इकट्ठा की। पता चला कि एक आरोपी के नाबालिग भतीजी से उसका प्रेम प्रसंग चल रहा था। घटना की रात करीब 9 बजे उस लड़की से मिलने गया और उसके साथ अश्लील हरकते कर रहा था। आरोपियों ने देख लिया। मृतक प्रकाश ठाकुर उर्फ समोसा उन्हें देख छत से पाइप के सहारे भाग निकला। इस घटना से क्षुब्ध होकर आरोपी बलदाउ उर्फ हर्ष सारथी ने अपने दोस्त लल्लन सारथी और मीर सारथी को इसकी जानकारी दी। मंदिर पर अपने दोस्तों के साथ बैठकर हत्या की साजिश रची। रात 2 बजे मंदिर में मिलने की बात कर अपने घर चले गए।
शौच के बहाने ले गए तालाब, चांदी की चेन से गला घोटा
पुलिस ने बताया कि प्लानिंग के मुताबिक तीनों आरोपी रात 2 बजे हनुमान मंदिर के पास मिले। बलदाउ अपने दोस्त लल्लन और मीर ने मृतक प्रकाश ठाकुर उर्फ समोसा के पास गए। 100 मीटर दूर मृतक प्रकाश बैठा था। उसे शौच चलने की बात कहकर तालाब के पास लेकर गए। तालाब पहुंचने के बाद बलदाउ सारथी ने मृतक को धक्का मारकर गिरा दिया। मीर सारथी ने मृतक का मुंह दबा दिया। मृतक बचाव में मीर से खींचातानी करने लगा। यह देख लल्लन सारथी ने जोर से उसका हाथ पकड़ लिया। तभी बलदाउ सारथी ने पीछे से मृतक की गले में पहने चेन को खीचकर गला घोट दिया। उसे टप्पा तालाब में फेंक दिया। इसके बाद सभी आरोपी अपने अपने घर जाकर सो गए।
आरोपियों को पकड़ने में इन्होंने किया सराहनीय कार्य
ऑनर किलिंग मामले की जांच में निरीक्षक गौरव तिवारी, उप निरीक्षक मुकेश सोरी, भुनेश्वर यादव, सहायक उपनिरीक्षक पूरन दास, प्रधान आरक्षक योगेश चन्द्राकर, हरीशचंद्र चौधरी, कुलेश्वर साहू, चेतन साहू, आरक्षक जावेद खान, प्रदीप सिंह, चित्रसेन साहू, शौकत हयात खान, धीरेन्द्र यादव, तिलेश्वर राठौर, फारूख खान, जी रवि, ललित साहू, सुरेश जायसवाल, विरेन्द्र महानंद , खुर्रम बख्श और सायबर सेल की सराहनीय भूमिका रही।
बाल संप्रेषण गृह से लौटा, कर दी बड़ी वारदात
इस मामले का आरोपी लल्लन सारथी जब नाबालिग था। उस दौरान उसने मोहन नगर थाना क्षेत्र में एक युवक की हत्या में शामिल था। धारा 302 के मामले में बाल संप्रेषण गृह भेजा गया। वहीं से छूटने के बाद आरोपी बलदाउ और मीर सारथी के साथ हत्या कर डाली। इसके पहले मृतक सहित तीनों आरोपी धारा 327,323,506,294,341 के आरोप में जेल जा चुके थे।

