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हाईकोर्ट से विधायक देवेंद्र यादव को झटका, आपराधिक जानकारी व संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया

by Dakshi Sahu Rao
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भाजपा प्रत्याशी रहे प्रेमप्रकाश पांडेय की याचिक पर न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडेय ने नोटिस किया जारी

मामले की अगली सुनवाई 20 मार्च को की गई त

CG Prime News@भिलाई. छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में विधायक देवेंद्र यादव को एक चुनावी याचिका के संबंध में नोटिस जारी किया है। इसकी सुनवाई 20 मार्च को होगी। दरअसल विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी व पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पांडेय ने चुनावी हलफनामें में देवेंद्र यादव पर अपनी संपत्ति और आपराधिक मामले छुपाने का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में वकील शैलेंद्र शुक्ला के माध्यम से याचिका दायर की थी।

याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. निर्मल शुक्ला ने न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडेय की एकल पीठ के सामने अपना पक्ष रखा। डॉ. शुक्ला ने संपत्ति और आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाने को जनप्रतिनिधि कानून का उल्लंघन बताया। इस मामले में बुधवार को न्यायमूर्ति पांडेय ने विधायक देवेंद्र यादव को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई २० मार्च को तय की गई है।

जानिए.. क्या है जनप्रतिनिधि कानून 1951

जनप्रतिनिधि कानून 1951 के अनुसार चुनाव में उम्मीदवारी करने वाले व्यक्ति को अपने जीवन से संबंधित कानूनी जानकारियां हलफनामे में दर्ज करनी पड़ती है। यदि कोई प्रत्याशी अपने आपराधिक मामलों और संपत्ति की जानकारी को छुपाता है तो दोष सिद्ध होने पर उसका निर्वाचन अवैध हो सकता है।

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