CG Prime News@बिलासपुर. National Rover-Ranger Jamboree Controversy in chhattisgarh छत्तीसगढ़ में हुए राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूर विवाद के बीच हाईकोर्ट ने रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल की याचिका को स्वीकार कर लिया है। हाईकोर्ट ने पूछा है कि सांसद बृजमोहन अग्रवाल को स्काउट गाइड जंबूरी अध्यक्ष के पद से कैसे और किस आधार पर हटाया गया। इस मामले में राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
हाईकोर्ट ने पूछा- अध्यक्ष पद से कैसे हटाया
मंगलवार को इस मामले की सुनवाई जस्टिस एनके व्यास की बेंच में हुई। इस दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क रखा, जिसके बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि पदेन अध्यक्ष को कैसे और किस आधार पर हटाया गया है। हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 12 फरवरी को होगी।
बृजमोहन अग्रवाल बोले-मैं अध्यक्ष हूं
दरअसल बालोद जिले में 9 से 13 जनवरी तक देश का पहला रोवर्स-रेंजर्स जंबूरी का आयोजन हो रहा है। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा था कि मैं अध्यक्ष हूं और कार्यक्रम के बारे में मुझे पता ही नहीं है। आयोजन नवा रायपुर में होना था, लेकिन गलत तरीके से बालोद में व्यवस्था की गई। 10 करोड़ की गड़बड़ी का भी दावा किया। साथ ही खुद को अध्यक्ष पद से हटाने की बात पर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
शिक्षा मंत्री को मनोनीत किया अध्यक्ष
आयोजन से पहले स्कूल शिक्षा विभाग ने 13 दिसंबर 2025 को एक आदेश जारी कर स्कूली शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को भारत स्काउट्स-गाइड्स छत्तीसगढ़ का राज्य अध्यक्ष मनोनीत किया। यही आदेश इस विवाद की सबसे प्रमुख वजह है। इससे पहले जब बृजमोहन अग्रवाल शिक्षा मंत्री थे, तब उन्हें स्काउट्स-गाइड्स का राज्य अध्यक्ष बनाया गया था।
5 जनवरी को जंबूरी की बैठक भी ली थी
याचिका में कहा गया है कि उन्हें अध्यक्ष पद से हटाने न तो कोई सूचना दी गई और न ही कोई सुनवाई का मौका दिया गया है। पूरी कार्रवाई एकतरफा तरीके से की जा रही है। याचिका पर जल्द सुनवाई का आग्रह किया गया है। याचिका में यह भी कहा गया है कि उन्होंने सांसद और परिषद के वैधानिक अध्यक्ष की हैसियत से 5 जनवरी को जंबूरी की बैठक भी ली थी।
