सीएसपी ने कहा कथित वीडियो के संबंध में जो भी साक्ष्य या विषयवस्तु प्रस्तुत करें, इसके बाद होगी कार्रवाई
भिलाई. भिलाई नगर विधानसभा चुनाव के बीच चर्चित एमएमएस को लेकर विधायक देवेन्द्र यादव कथन दर्ज कराने भिलाई नगर थाना पहुंचे। थानेदार राजकुमार ने उनसे पहले हाथ मिलाया। देवेन्द्र यादव ने उनसे पूछा यहां पर आप कब पोस्टेड हुए। टीआई राजकुमार लहरे ने उन्हें बताया कि चुनाव के बाद बस 6 महीने हुए है। 13 जुलाई को विधायक के मीडिया प्रतिनिधि देवेश पाणिग्रही दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर विधायक देवेन्द्र यादव का कथन हुआ। सीएसपी सत्याप्रकाश तिवारी ने बताया कि विधायक देवेन्द्र यादव के कथित रुप से वीडियो वायरल के संबंध में थाना में ढाई महीने पहले रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उस संबंध में उन्हें कथन के लिए बुलाया गया था। वीडियो से संबंध में जो भी साक्ष्य या विषयवस्तु, इलेक्ट्रानिक डिवाइज है, उसे प्रस्तुत करें। उन्होंने अपना कथन दिया है। कथन के बाद अग्रिम कार्रवाई थाने द्वारा की जाएगी।
6 आवेदन, 7 महीने 20 दिन बाद पुलिस ने दर्ज की FIR, बयान के लिए 4 महीने बाद बुलाया
भिलाई नगर थाना ने 13 जुलाई को विधायक देवेंद्र यादव के आवेदन पर किए गए एफआईआर के पश्चात नोटिस जारी कर पुलिस ने उनके बयान के लिए बुलाया था, उक्त मामले में विधायक सोमवार को सेक्टर 6 कोतवाली पहुंचे और अपना बयान दर्ज कराया। देवेंद्र यादव ने बताया कि सर्वप्रथम पुलिस को 2 अगस्त 2023 को मेरे साथी देवेश पाणिग्रही ने आवेदन देकर वायरल हो रहे आपत्तिजनक वीडियो की जानकारी दी थी। उस वीडियो की उच्च स्तरीय जांच और एफआईआर की मांग की गई। इसके पश्चात विधानसभा चुनाव के दौरान 15 नवंबर 2023 को सार्वजनिक रूप से प्रेस कांफ्रेंस करके सीबीआई जांच की मांग की थी। फिर विधानसभा चुनाव के पश्चात 29 जनवरी 2024 को पत्राचार किया गया था। इसके पश्चात 23 फरवरी 2024 को मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री को पत्र लिखकर इस मामले की जानकारी दी। विधानसभा में प्रत्यक्ष रूप से मुख्यमंत्री के समक्ष आवेदन देकर एफआईआर एवं सीबीआई जांच की मांग की थी। तत्पश्चात 22 मार्च 2024 को फिर से आवेदन देकर एफआईआर की मांग की। 6 आवेदन और 7 महीने 20 दिन बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया। लगभग 4 महीने बाद मुझे बयान देने के लिए बुलाया।
फोरेंसिक लैब में हो जांच हर सैंपल देने तैयार
विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि कोई भी फोटोग्राफी,वीडियोग्राफी वाइस सैंपलिंग देने के लिए वह तैयार है। वीडियो की उच्च स्तरीय जांच देश के प्रतिष्ठित फॉरेंसिक लैब चंडीगढ़ और गांधीनगर में होनी चाहिए। अगर सैंपल देने के लिए उन्हें जाना पड़े तो उक्त स्थल पर भी वो जाएंगे। मॉर्फ वीडियो बनाने और प्रसारित करने वाले पर कार्यवाही हो। पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच हो। ताकि इस मामले में संलिप्त दोषियों के ऊपर कार्रवाई हो सके। जल्द से जल्द उनकी गिरफ्तारी कर मुझे न्याय मिलनी चाहिए।

