CG Prime News@जशपुर. छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में सोशल मीडिया पर धार्मिक विषयों को लेकर विवादित पोस्ट करने के आरोप में एक सरकारी शिक्षक को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान हेमंत कुमार बेदी (52) के रूप में हुई है। वह बगीचा ब्लॉक के कूदमुरा स्थित मिडिल स्कूल में पदस्थ बताया गया है। फेसबुक पर हिंदू धर्मग्रंथों, देवी-देवताओं और ऋषि-मुनियों को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद मामला सामने आया। शिकायत मिलने पर कुनकुरी पुलिस ने जांच की और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। पुलिस ने पोस्ट करने में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी जब्त किया है।
फेसबुक पोस्ट को लेकर हिंदू संगठन ने दर्ज कराई शिकायत
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 17 अक्टूबर 2026 को चराईडांड़ निवासी करनैल सिंह (54), जिला अध्यक्ष विश्व हिंदू परिषद, ने कुनकुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने 15 अक्टूबर को फेसबुक पर हेमंत बेदी नाम के अकाउंट से एक पोस्ट देखी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि पोस्ट में हिंदू धर्मग्रंथों और धार्मिक प्रतीकों से जुड़े विषयों पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं। शिकायतकर्ता ने कहा कि इस सामग्री से धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और लोगों में नाराजगी पैदा हुई। उन्होंने संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
नोटिस देने पहुंची पुलिस, भागने की कोशिश में पकड़ा गया आरोपी
शिकायत के आधार पर कुनकुरी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी की पहचान हेमंत कुमार बेदी के रूप में हुई, जो कांसाबेल क्षेत्र के ग्राम बिहावत का निवासी बताया गया है। पुलिस टीम भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत नोटिस देने के लिए आरोपी के गांव पहुंची थी। पुलिस के मुताबिक, टीम को देखकर आरोपी ने वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया।

SSP के निर्देश पर हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश, एएसपी राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन और कुनकुरी एसडीओपी राजेश कुमार साहू के पर्यवेक्षण में की गई। थाना प्रभारी निरीक्षक भूपेन्द्र कुमार चंद्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शिकायतकर्ता और गवाहों के बयान दर्ज किए। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करना गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने या समाज में वैमनस्य फैलाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
