Home » Blog » Breaking: दुर्ग पुलिस ने इंटरनेशनल मानव तस्करी और साइबर स्लेवरी गैंग का किया भंडाफोड़, विदेश में नौकरी के नाम पर करवाते थे गंदा काम, तीन आरोपी गिरफ्तार

Breaking: दुर्ग पुलिस ने इंटरनेशनल मानव तस्करी और साइबर स्लेवरी गैंग का किया भंडाफोड़, विदेश में नौकरी के नाम पर करवाते थे गंदा काम, तीन आरोपी गिरफ्तार

by Dakshi Sahu Rao
0 comments

@Dakshi sahu Rao

CG Prime News@भिलाई. दुर्ग पुलिस ने इंटरनेशनल मानव तस्करी और साइबर स्लेवरी गैंग का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को मुंबई से गिरफ्तार किया है। बुधवार को प्रेस वार्ता में सीएसपी चिराग जैन ने बताया कि आरोपियों ने भिलाई की रहने वाली एक युवती को ओमान के लाओस में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी के लिए भेजा था। जहां उससे साइबर स्कैम करने की दो दिन तक ट्रेनिंग दी गई। जब युवती ने इस कार्य को नहीं करने की बात की तो आरोपी उसे अपने साथ कुछ दिनों तक वहीं रखा बाद में उसे भारत ले आए। युवती ने घर लौटने के बाद आरोपियों के खिलाफ साइबर रेंज थाना दुर्ग में रिपोर्ट लिखवाई थी। जिसके आधार पर इस पूरे गैंग का भंडाफोड़ किया गया है।

कंपनी के नाम से देते थे विज्ञापन
सीएसपी जैन ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी साजन शेख, पिता-शहजादा, उम्र 36 गोरेगांव मुंबई, रफी खान उर्फ रफीक खान उम्र 42 वर्ष निवासी मुंबई, महिला आरोपी निवासी मुंबई और विदेश में रहने वाली एक महिला मिलकर वीएस इंटरप्राइसेस मैनपावर कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी बनाए थे। जिसका लाइसेंस नहीं है। इसी कंपनी के नाम से विज्ञापन देकर विदेश में नौकरी का झांसा लोगों को दिया जा रहा था। इस कंपनी के माध्यम से गल्फ कंट्री (gulf countries) साउदी, दुबई, ओमान, कुवैत में नौकरी लगाने और विजा सर्विस देने के नाम पर पैसा लिया जाता था।

पीडि़त युवती ने पुलिस को बताया कि आरोपी रफी उर्फ रफीक ने ओमान के लाओस में कंप्यूटर ऑपरेटर का काम बताकर साजन शेख और महिला आरोपी से मुलाकात कराया था। रफीक ने बताया कि वह कंपनी में एजेंट का काम करता है। कंपनी का संचालन साजन शेख और महिला आरोपी करती है। युवती ने जब जॉब के लिए हां कही तो उससे आरोपियों ने अलग-अलग किस्तों से सर्विस चार्ज के नाम पर पहले 50 हजार फिर 150000 रुपए ट्रांसफर कराए। आरोपी युवती को एयर टिकट के माध्यम से थाइलैंड होते हुए लाओस भेज दिया। जहां एक विदेशी मैनेजर ने उसे साइबर फ्रॉड का काम करने के लिए कहा। युवती ने काम करने से मना किया तो उसे फिर भारत भेजा गया। पुलिस ने 2 लाख रुपए धोखाधड़ी और अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की पतासाजी शुरू की। मुंबई से टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। विदेश में अभी भी 8 से 10 लोगों के साइबर स्लेवरी में फंसे होने की बात सामने आई है।

इस टीम को मिली सफलता
इस कार्रवाई में सीएसपी चिराग जैन, एसडीओपी देवांश सिंह राठौर, डीएसपी शिल्पा साहू, एसआई नवीन राजपूत, प्रधान आरक्षक नीलकमल सलामे, राजेंद्र गिरी, आरक्षक कामेश्वर देशमुख, सुरेंद्र कटरे, विक्रम सिंह, सालिक राम, वीर नारायण, जयश्री सिंह शामिल रहे।

You may also like