Big News: छत्तीसगढ़ में कुएं में गिरने से 9 लोगों की मौत, पिता को बचाने उतरे दो बेटे भी आए जहरीली गैस की चपेट में, 4 परिवारों में पसरा मातम

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@Dakshi sahu Rao

CG Prime News@जांजगीर-चांपा. छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को दो अलग-अलग हादसों में नौ लोगों की मौत हो गई। दोनों ही घटनाएं कुएं में गिरने से हुई है। मिली जानकारी के अनुसार जांजगीर-चांपा जिले के बिर्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गांव में कुएं की सफाई करने के दौरान जहरीली गैस से एक ग्रामीण की मौत हो गई। उसे बचाने उतरे 4 अन्य लोग भी मौत के मुंह में समा गए। इनमें पिता और उसके 2 पुत्र भी शामिल हैं।

सीएम ने जताया शोक
दूसरी घटना कोरबा जिले के कटघोरा इलाके में हुई। जहां पिता को कुएं में गिरा देख बचाने उतरी पुत्री और उसके 2 पड़ोसियों की मौत हो गई। दोनों ही घटनाओं में सभी 9 शवों को निकाल लिया गया है। इस घटना पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा शोक जताया है।

पहली घटना जांजगीर-चांपा जिले के बिर्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत किकिरदा गांव में हुआ। यहां का निवासी रामचंद्र जायसवाल 60 वर्ष शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े 7 बजे अपने कुएं में गिरा लकड़ी का पट्टा निकालने उतरा था। काफी देर तक वह बाहर नहीं निकला तो पत्नी ने शोर मचाया। आवाज सुनकर पड़ोसी रमेश पटेल 50 वर्ष कुएं में उतर गया, लेकिन वह भी बाहर नहीं निकला। यह देख रमेश के दो पुत्र जितेंद्र पटेल 25 वर्ष व राजेंद्र पटेल 20 वर्ष भी पिता को बचाने कुएं में उतरे, लेकिन उनकी भी मौत हो गई। अंत में पड़ोस का ही टिकेश्वर चंद्रा 25 वर्ष भी कुएं में उतरा, लेकिन वह भी बाहर नहीं निकल सका। कुएं में जहरीली गैस के रिसाव से सभी की मौत हो गई।

5 लाख रुपए मुआवजे की घोषणा
ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस ने एसडीआरएफ टीम की मदद से पांचों शव को कुएं से बाहर निकाला। इस घटना पर सीएम विष्णुदेव साय ने शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए मुआवजे की घोषणा की है।

दूसरी घटना कोरबा जिले में
कोरबा जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत जुराली के डिपरापारा गांव में भी कुएं में उतरे पिता-पुत्री समेत 4 लोगों की मौत हो गई। यहां का निवासी शिवचरण पटेल शुक्रवार की सुबह कुएं में गिर गया था। यह देख उसकी पुत्री सपीना पटेल पिता को बचाने कुएं में उतरी, लेकिन वह भी बाहर नहीं निकली। दोनों जब काफी देर तक बाहर नहीं आए तो पड़ोस में ही रहने वाले मनबोध पटेल व जरूर पटेल भी उन्हें बचाने कुएं में उतर गए, लेकिन उनकी भी मौत हो गई।