– 27 खातों से किया जा रहा था करोड़ो रुपए का ट्रांजेक्शन
सीजी प्राइम न्यूज/भिलाई. भोपाल अरेरा कालोनी किराए के मकान में दुर्ग पुलिस ने दबिश दी। पूरे अपार्टमेंट में हड़कंप मच गया। जब पुलिस ने युवकों को कमरे से बाहर निकाला तब लोगों को पता चला कि कमरे में ऑनलाइन सट्टोरिए है। किराए के मकान में सेटअप तैयार कर महादेव एप ब्रांच चला रहे थे। दुर्गपुलिस ने मध्य प्रदेश की राजधानी में भंडाफोड़ करते हए महादेव बुक के तीन पैनल को ध्वस्त किया। इस पूरे ऑपरेशन में चौकाने वाली बात यह रही कि 18 ऑपरेटरों को तो पुलिस ने पकड़ लिया, लेकिन दो पैनलिस्ट रायपुर निवासी नंदू टावरी और खुर्सीपार के जसबीर सिंह को नहीं पकड़ाए। पुलिस ने 18 आरोपियों के कब्जे से 27 बैंक एकाउंट पकड़ा, जिसमें करोड़ों रुपए का ट्रांजेक्शन किया जा रहा था।

एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव व एएसपी संजय ध्रुव ने पत्रवार्ता में खुलासा किया। एसपी ने बताया कि दुबई में बैठा धोखाधड़ी का आरोपी सौरभ चंद्राकर इस काले कारोबार देश के कई राज्यों में फैला दिया है। पुलिस बहुत जल्द ही उसे पकड़ेगी। ट्विनसिटी के बाद पुलिस अब दूसरे राज्यों में सर्जिकल स्ट्राइक शुरु कर दिया है। लगातार जगदलपुर, महाराष्ट्र, बिलासपुर, दिल्ली, मध्यप्रदेश सिवनी में कार्रवाई कर महादेव एप की ब्रांच को तोड़ा है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की पारस अर्बन अरेरा कॉलोनी और अपोलो हॉस्पिटल से महादेव एप, रेड्डी अन्ना और बीबीबी बेट भाई-9 के तीन पैनल को ध्वस्त किया। तीनों ब्रांचों से 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
27 बैंक खाते मिले करोड़ों के ट्रांजेक्शन
एसपी ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से 27 से अधिक बैंक खाते मिले। जिसमें करोड़ों रुपए के ट्रांजेक्शन है। इसकी डिटेल बैंक से मांगी गई है। एकाउंट में पैसे को फ्रीज कराया जाएगा। इसके अलावा 12 लेपटॉप, 41 मोबाइल को जब्त किया। आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि पैनल चलाने वाले सभी युवक 15 से 20 हजार की तनख्वाह पर रखा है। उनसे पैनल को ऑपरेट कराया जा रहा।
पैनलिस्ट को गिरफ्तार करने बनाई जा रही योजना
एसपी ने बताया कि पैनल का संचालन करने वालों की गिरफ्तारी की तैयारी की जा रही है। इसके लिए अलग से योजना बनाई गई है। एसीसीयू की टीम लगी है। फरार पैनलिस्टों के खिलाफ गंभीर धाराओं में कार्रवाई होगी। यह वह लोग है, जो युवाओं को इस काले कारोबार में ढकेल रहे है। नौकरी, नशा और पैसे की लालच देकर उनका कॅरिअर बरबाद कर रहे है। इस काले कारोबार में जुड़े बड़े व्यापारियों की लिस्ट तैयार की जा रही है। ईडी की मदद से सख्ती से कार्रवाई होगी।

