Saturday, October 10, 2026
Home » Blog »  दुर्ग: धमधा के अमन कृषि केंद्र में खाद भंडारण की गड़बड़ी, 48 बोरी संदिग्ध उर्वरक मिला

 दुर्ग: धमधा के अमन कृषि केंद्र में खाद भंडारण की गड़बड़ी, 48 बोरी संदिग्ध उर्वरक मिला

कोनका गांव में कृषि विभाग के निरीक्षण के बाद कार्रवाई, यूरिया के पीओएस और भौतिक स्टॉक में अंतर मिलने का आरोप; बिना अनुज्ञप्ति के मिले जैव उर्वरक भी जब्त।

by Dakshi Sahu Rao
0 comments

CG Prime News@दुर्ग. छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में खाद भंडारण और बिक्री से जुड़े नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया है। धमधा विकासखंड के ग्राम कोनका स्थित अमन कृषि केंद्र की जांच के दौरान कृषि विभाग की टीम को 48 बोरी संदिग्ध उर्वरक मिला। इसके अलावा यूरिया के ऑनलाइन रिकॉर्ड और मौके पर उपलब्ध स्टॉक में अंतर पाया गया। शिकायत के आधार पर धमधा थाना पुलिस ने कृषि केंद्र के संचालक धनराज पटेल के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 और 7 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

निरीक्षण में 2.4 मीट्रिक टन खाद मिली

पुलिस के मुताबिक, 24 जून 2026 को उर्वरक निरीक्षक सह कृषि विकास अधिकारी अर्चना रानी चखियार की टीम ने ग्राम कोनका में निरीक्षण किया था। इस दौरान धनराज पटेल के मकान में उन्नत किसान ब्रांड की 48 बोरी खाद मिली। प्रत्येक बोरी का वजन 50 किलोग्राम होने के हिसाब से कुल 2,400 किलोग्राम यानी 2.4 मीट्रिक टन उर्वरक पाया गया।

शिकायत के अनुसार, संचालक ने पूछताछ में बताया कि उसने लक्ष्मी नारायण दलाल के माध्यम से ओडिशा स्थित त्रयंबकेश्वर फर्टिलाइजर एवं केमिकल कंपनी से 600 बोरी खाद मंगाई थी। इनमें से 552 बोरी की खपत होने की जानकारी दी गई।


खाद के नमूने जांच के लिए सुरक्षित

निरीक्षण के दौरान खाद के मिश्रण और उसकी दर में अंतर होने की बात भी सामने आई। अधिकारियों ने मौके पर पंचनामा तैयार कर खाद के तीन नमूने जांच के लिए सुरक्षित किए। शेष खाद को रखने के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध नहीं होने के कारण संचालक की सुपुर्दगी में सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए।

यूरिया के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर

जांच के दौरान एचयूआरएल कंपनी की 50 किलोग्राम वाली 368 बोरी यूरिया भी मिली। शिकायत में बताया गया है कि पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक और मौके पर उपलब्ध यूरिया की मात्रा में अंतर था। इसके साथ ही पांच प्रकार के मिश्रित उर्वरक, दो जैव उर्वरक और आठ जैव उत्प्रेरकों के संबंध में आवश्यक अनुज्ञप्ति प्रस्तुत नहीं की गई। संबंधित सामग्री को जब्त कर सुरक्षित रखने की कार्रवाई की गई।

बिल और मूल्य सूची को लेकर भी शिकायत

कृषि विभाग की शिकायत में उर्वरकों की कीमत प्रदर्शित नहीं करने, निर्धारित प्रारूप में बिल-मेमो जारी नहीं करने और भंडारण के स्रोत से जुड़ी अनियमितताओं का भी उल्लेख है। अधिकारियों ने इन मामलों को उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 और उर्वरक संचलन नियंत्रण आदेश, 1973 के प्रावधानों के कथित उल्लंघन से जोड़ा है।

धमधा पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। खाद के नमूनों की जांच और मामले से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले में संचालक के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और संबंधित साक्ष्यों के आधार पर होगी।

You may also like