एसपी जितेन्द्र शुक्ला को जगदलपुर बटालियन की जिम्मेदारी
दुर्ग. राज्य में बड़े पैमाने पर हुई प्रशासनिक सर्जरी के चलते कई जिलों के पुलिस अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। इससे दुर्ग जिले के एसपी भी प्रभावित हुए। एसपी रहते हुए जितेंद्र शुक्ला का कार्यकाल कई मायनों में याद रखा जाएगा। दरअसल शुक्ला के रहते हुए जिले की पुलिसिंग में जो बदलाव देखा गया। उससे कानून और व्यवस्था को फायदा हुआ। उनके कार्यकाल में भिलाई में एक बड़ा एनकाउंटर अंजाम दिया गया। एनकाउंटर में एक कुख्यात अपराधी को ढेर किया गया। वहीं नशे के खिलाफ जंग, अड्डेबाजी पर रोक और चाकूबाजी के प्रकरणों में कमी लाने के उनके प्रयास याद रखे जाएंगे, जो बतौर उपलब्धि उनके कामों में शामिल होगी।
(During SP Shukla’s tenure, there was a tightening of policing in the district, now Agrawal has been given the responsibility of Durg)
कुख्यान बदमाश का एनकाउंटर कर बताया कानून के हाथ लंबे
एसपी जितेंद्र शुक्ला के एसपी रहते हुए 8 नवम्बर को सिविक सेंटर जयंती स्टेडियम के पीछे कुख्यात बदमाश अमित जोस का एनकाउंटर किया गया। जोस एक आदतन अपराधी के तौर पर जाना जाता था। उससे आम लोग डरते थे। स्टेडियम के पीछे पुलिस मुठभेड़ में उसे ढेर कर दिया। एसपी जितेंद्र शुक्ला के निर्देश पर हुए एनकाउंटर ने काफी सुर्खियां बंटोरी और एसपी के कार्यों की सराहना भी की गई।
नशे के खिलाफ जंग में उतरकर सप्लाई चैन तोड़ी
दुर्ग एसपी के तौर पर जितेंद्र शुक्ला ने नशे के खिलाफ बड़ी जंग छेड़ दी। उन्होंने सबसे पहले नशे के सौदागरों को पकड़ना शुरू किया। पंजाब और ओडिशा से आने वाले सूखा नशा की चेन को तोड़ा। अभी हाल ही के दिनों में अंजोरा में भी एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब से आए आरोपी को गांजा के साथ पकड़ा गया। वहीं पंजाब से आने वाला चिट्टा की सप्लाई चैन की कमर तोड़ दी। सप्ताहभर पहले 12 लाख रुपए चिट्टा के साथ दो सौदागरों को गिरफ्तार किया गया। वर्तमान में गली-गली में बिकने वाला गांजा जैसे मामलों की शिकायतों में कमी आई है। इसे भी एसपी जितेंद्र शुक्ला की उपलब्धियों में शामिल है।
बलौदाबाजार के दंगों में कानून व्यवस्था संभालने वाले विजय को दुर्ग की कमान
एसपी जितेंद्र शुक्ला तबादले के बाद अब जगदलपुर बटालियन की जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं बलौदाबाजार में बेसिक पुलिसिंग पर जोर देने वाले और गिरौदपुरी के पास हुए दंगों के दौरान अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालने वाले आईपीएस विजय अग्रवाल अब दुर्ग जिले के एसपी का जिम्मा संभालेंगे। वे दंगों और तनावपूर्ण परिस्थितियों को संभालने के लिए जाने जाते हैं। संवेदनशील बलौदाबाजार जिले में एसपी रहते हुए उन्होंने कई बड़े कामों को अंजाम दिया। ऐसे में उनकी दुर्ग पोस्टिंग से जिले की कानून-व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन के कयास लगाए जा रहे हैं।
दुर्ग अब एक नई उम्मीद के साथ अपने नए कप्तान का स्वागत कर रहा है। जिले को जितेंद्र शुक्ला जैसे सख्त लेकिन संवेदनशील अफसर से विदा लेना आसान नहीं, पर विजय अग्रवाल की नियुक्ति इस विश्वास के साथ हुई है कि जिले की सुरक्षा और विकास की रफ्तार बनी रहेगी। जनता की आंखों में कृतज्ञता है और दिलों में एक नई उम्मीद।

